मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की जिंदगी में कई ऐसे दौर आए, जब परिवार ने मुश्किल परिस्थितियों में उनका साथ दिया। ऐसा ही एक भावुक किस्सा रक्षाबंधन से जुड़ा है, जब संजय दत्त जेल में बंद थे और उनकी बहनें प्रिया दत्त और नम्रता दत्त उनसे मिलने पहुंची थीं। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, लेकिन संजय के पास उन्हें देने के लिए कोई खास तोहफा नहीं था। उन्होंने बहनों को जेल की कैंटीन के चाय-नाश्ते के 2-2 रुपये के कूपन दे दिए।
1994 में ठाणे सेंट्रल जेल में बंद थे संजय दत्त
यह घटना जुलाई 1994 की बताई जाती है। अवैध हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत रद्द होने के बाद उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। उन्हें जेल की अंडा बैरक में रखा गया था, जहां बेहद कड़ी सुरक्षा रहती थी और गंभीर मामलों में बंद कैदियों को रखा जाता था।
उस समय संजय दत्त के लिए जेल का जीवन बेहद कठिन था। जिस बैरक में वह बंद थे, वह छोटी और बंद जगह थी। वहां बाहर की दुनिया से संपर्क बेहद सीमित था। शुरुआती दिनों में उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने की भी अनुमति नहीं थी।
अकेलेपन में घंटों चींटियों को देखते थे
जेल में शुरुआती डेढ़ महीना संजय दत्त के लिए काफी मुश्किल रहा। अकेलापन इतना ज्यादा था कि समय बिताने के लिए वह घंटों चींटियों को चलते हुए देखते रहते थे। इस दौरान उनके पिता सुनील दत्त बेटे की जमानत के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।
वहीं उनकी बहनें प्रिया दत्त और नम्रता दत्त भी भाई से मिलने जेल पहुंचती थीं। मुलाकात के दौरान दूरी और जेल के नियमों के कारण परिवार के साथ सामान्य तरीके से समय बिताना संभव नहीं था।
राखी बांधने पहुंचीं बहनें, भाई ने दिया अनोखा तोहफा
रक्षाबंधन के दिन जब बहनें संजय दत्त से मिलने जेल पहुंचीं तो उन्होंने भाई की कलाई पर राखी बांधी। यह पल पूरे परिवार के लिए भावुक था।
संजय दत्त के पास उस समय अपनी बहनों को देने के लिए कोई महंगा या खास उपहार नहीं था। उन्होंने जेल की कैंटीन के चाय-नाश्ते के 2-2 रुपये के कूपन बहनों को दे दिए। बताया जाता है कि उन्होंने भावुक अंदाज में कहा था कि फिलहाल उनके पास देने के लिए यही है।
छोटी सी कीमत वाला यह तोहफा उस समय भाई-बहन के रिश्ते के लिए बेहद खास बन गया। इसमें आर्थिक कीमत भले ही कम थी, लेकिन उस मुश्किल दौर में इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी थी।
समय के साथ रिश्तों में आईं दूरियां भी हुईं कम
संजय दत्त और उनकी बहनों के रिश्ते में समय-समय पर उतार-चढ़ाव भी आए। संजय दत्त की शादी मान्यता दत्त से होने के बाद परिवार में कुछ मतभेद सामने आए थे। प्रिया दत्त और मान्यता दत्त के बीच भी एक दौर में दूरी की खबरें सामने आई थीं।
संजय दत्त के राजनीति में आने को लेकर भी उनकी बहन प्रिया दत्त से मतभेद की बातें सामने आईं। हालांकि समय के साथ परिवार के रिश्ते बेहतर होते गए और पुरानी दूरियां कम हुईं।
मुश्किल समय में बहनों ने दिया भाई का साथ
संजय दत्त की जिंदगी में जब भी मुश्किल समय आया, उनकी बहनें उनके साथ खड़ी नजर आईं। उनके स्वास्थ्य से जुड़े कठिन दौर में भी प्रिया और नम्रता ने भाई का हौसला बढ़ाया।
जेल में रक्षाबंधन का वह किस्सा आज भी भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को बयां करता है। 2 रुपये के चाय-नाश्ते के कूपन भले ही मामूली थे, लेकिन संजय दत्त के लिए उस समय वही अपनी बहनों को दिया गया सबसे खास तोहफा था।
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