वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलिकॉप्टर मरीन वन और एक यात्री विमान के बीच 4 अगस्त को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हेलिकॉप्टर के रेडियो संपर्क में खराबी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को उसकी उड़ान की जरूरी सूचना समय पर नहीं मिल सकी। इसी दौरान रीगन नेशनल एयरपोर्ट से एक यात्री विमान को टेकऑफ की अनुमति दे दी गई।
दोनों विमान कुछ समय के लिए एक-दूसरे के काफी करीब आ गए थे। पायलटों की सतर्कता और विमान के टक्कर से बचाने वाले सिस्टम की चेतावनी के बाद संभावित हादसा टल गया।
एक सप्ताह पहले ही सामने आ गई थी रेडियो की खराबी
जांच में पता चला कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को रेडियो संपर्क में आ रही समस्या की जानकारी घटना से करीब एक सप्ताह पहले ही मिल गई थी। 30 जुलाई को मरीन वन के पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के बीच हुई बैठक में इस तकनीकी समस्या पर चर्चा भी हुई थी।
बैठक में सामने आया था कि उड़ान से करीब तीन मिनट पहले दी जाने वाली चेतावनी कंट्रोल टावर तक नहीं पहुंच रही थी। इसके बाद तय किया गया था कि रेडियो संपर्क नहीं होने की स्थिति में किसी दूसरे विमान या माध्यम से कंट्रोल टावर को सूचना दी जाएगी।
व्हाइट हाउस में निर्माण के कारण बदली थी उड़ान की जगह
व्हाइट हाउस में निर्माण कार्य चलने के कारण मरीन वन के उड़ान भरने की जगह बदल दी गई थी। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने द एलिप्स से उड़ान भरी।
द एलिप्स और रीगन एयरपोर्ट के पास मौजूद रेडियो रिसीवर के बीच सीधा संपर्क सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसके कारण मरीन वन के पायलटों की रेडियो कॉल कंट्रोल टावर तक नहीं पहुंच सकी।
4 अगस्त को पायलटों ने जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग के माध्यम से भी कंट्रोल टावर तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ। नतीजतन ATC को मरीन वन के उड़ान भरने की जानकारी नहीं मिल पाई।
यात्री विमान से करीब 1.3 किलोमीटर रह गई थी दूरी
शुरुआती जांच के आंकड़ों के मुताबिक, मरीन वन और यात्री विमान के बीच सबसे कम दूरी करीब 1.3 किलोमीटर रह गई थी। दोनों की ऊंचाई में भी लगभग 250 फीट का अंतर था।
यात्री विमान के टक्कर से बचाने वाले सिस्टम ने चेतावनी जारी की। मरीन वन के पायलटों ने भी यात्री विमान को देख लिया और अपनी उड़ान को कुछ देर रोक दिया। इससे दोनों विमान सुरक्षित रूप से अलग हो गए।
निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार, ऐसे हवाई क्षेत्र में विमानों के बीच पर्याप्त क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
घटना के बाद रेडियो सिस्टम में किया गया सुधार
घटना के बाद FAA की तकनीकी टीम ने पूरे रेडियो सिस्टम की जांच की। समस्या दूर करने के लिए रिसीवर को रिहायशी इलाके से हटाकर रीगन एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर के ऊपर स्थापित किया गया।
इसके बाद किए गए परीक्षणों में रेडियो संपर्क को सही पाया गया। घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि रीगन नेशनल एयरपोर्ट के आसपास हवाई सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील मुद्दा रही है।
29 जनवरी 2025 को रीगन नेशनल एयरपोर्ट के पास एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद क्षेत्र में हेलिकॉप्टर और यात्री विमानों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।
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