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अमेरिका-कनाडा में भारतीयों पर बढ़ा इमिग्रेशन शिकंजा, हजारों पर डिपोर्टेशन का खतरा

अमेरिका और कनाडा में इमिग्रेशन नियमों को लेकर सख्ती बढ़ने से भारतीय छात्रों, आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य वीजा धारकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिका में डिपोर्टेशन अभियान तेज होने के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक जांच और इमिग्रेशन कार्रवाई के दायरे में आने की बात सामने आई है। वहीं कनाडा में वर्क परमिट और इमिग्रेशन नियमों में बदलाव ने भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका में अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में 5,200 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने का दावा सामने आया है। इनमें अवैध प्रवासियों के अलावा कुछ एच-1बी, ओ-1 और स्टूडेंट वीजा धारक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों और वीजा धारकों से जुड़ी कार्रवाई के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 3,567 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था। यह पिछले 16 वर्षों में सबसे अधिक संख्या बताई गई थी। जून 2026 तक 1,076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

वीजा नियमों पर बढ़ी निगरानी

अमेरिका में वीजा नियमों के उल्लंघन को लेकर निगरानी बढ़ने की रिपोर्ट है। कुछ मामलों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लाए जाने की बात कही जा रही है। वहीं नौकरी गंवाने वाले एच-1बी वीजा धारकों के लिए नई नौकरी तलाशने की निर्धारित समयसीमा के बावजूद इमिग्रेशन कार्रवाई का खतरा चिंता का कारण बना हुआ है।

कई भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के अचानक इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों के बीच अपने वीजा स्टेटस और रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।

कनाडा में भी भारतीय छात्रों की बढ़ी चिंता

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट से जुड़े फैसले के बाद करीब 1,500 भारतीय छात्रों की स्थिति मुश्किल होने की बात सामने आई है। ये छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद काम कर रहे थे। परमिट और इमिग्रेशन नियमों में बदलाव के कारण उनके कनाडा में आगे रहने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

कनाडा सरकार का रुख है कि जिन विदेशी नागरिकों के पास वैध वीजा या वर्क परमिट नहीं है, उन्हें देश छोड़ना होगा। इसके साथ ही कई प्रांतों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए फंड प्रूफ और रोजगार से जुड़ी शर्तों को भी सख्त किए जाने की खबरें हैं।

अमेरिका और कनाडा की बदलती इमिग्रेशन नीतियों के बीच भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए वीजा स्टेटस, रोजगार और दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में इमिग्रेशन नियमों की सख्ती और बढ़ सकती है।

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