अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुलासा किया है कि ईरान से मिले सुरक्षा खतरे के कारण तुर्किये से लौटते समय उनका विमान बदल दिया गया था। ट्रम्प ने बताया कि जिस विमान में वे सार्वजनिक रूप से सवार हुए थे, उसके निशाने पर आने की आशंका थी। इसी वजह से उन्हें एयरपोर्ट पर एक केटरिंग ट्रक के जरिए चुपचाप दूसरे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।
ट्रम्प के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहती हैं और किसी हमले की स्थिति में सबसे पहले उन्हें निशाना बनाए जाने का खतरा रहता है।
कतर से मिले विमान से पहुंचे थे तुर्किये
तुर्किये जाने के दौरान ट्रम्प कतर से मिले बोइंग 747-8 विमान में नजर आए थे। इसे राष्ट्रपति के सफर के लिए तैयार किया जा रहा है। हालांकि, वापसी के दौरान सुरक्षा कारणों से ट्रम्प को इस विमान से अलग कर अमेरिकी वायुसेना के C-32A विमान में बैठाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प को एयरपोर्ट पर सामान और भोजन पहुंचाने वाले केटरिंग वाहन की मदद से दूसरे विमान तक पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया।
पत्रकारों को भी नहीं दी गई जानकारी
ट्रम्प के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी शुरुआत में यह पता नहीं था कि राष्ट्रपति विमान बदल चुके हैं। उड़ान के दौरान उन्हें खिड़कियों के शेड नीचे रखने के निर्देश दिए गए।
बाद में ट्रम्प ने संकेत दिया कि यह सावधानी संभावित खतरे को देखते हुए बरती गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार खतरे बने रहते हैं।
पहले भी अपनाई जा चुकी है ऐसी रणनीति
राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए उनकी वास्तविक यात्रा को छिपाने की रणनीति पहले भी इस्तेमाल की जा चुकी है। वर्ष 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा के दौरान भी ऐसे विमान का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी पहचान राष्ट्रपति के विमान के तौर पर नहीं होती थी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान से मिले विश्वसनीय खतरे के इनपुट के बाद ट्रम्प की सुरक्षा के लिए यह वैकल्पिक योजना तैयार की गई थी। इसमें वरिष्ठ सैन्य और रक्षा अधिकारियों की सीमित टीम शामिल थी।
नए विमान की सुरक्षा पर उठे सवाल
कतर की ओर से अमेरिका को दिए गए बोइंग 747-8 विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुराने एयरफोर्स वन में राष्ट्रपति को संभावित हमलों से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा प्रणालियां मौजूद हैं, जबकि नए विमान की क्षमताओं को लेकर चर्चा होती रही है।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने नए विमान की सुरक्षा में किसी कमी से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति और उनके साथ मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी उपाय किए जाते हैं और खतरे के अनुसार यात्रा की रणनीति बदली जा सकती है।
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