वॉशिंगटन/तेहरान। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने नागरिकों और दूतावासों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी प्रशासन ने मिडिल ईस्ट की यात्रा करने वाले लोगों से भी सतर्क रहने और स्थानीय हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना कैंप डेविड दौरा तय समय से पहले समाप्त कर शनिवार शाम व्हाइट हाउस वापसी की। उनकी अचानक वापसी के पीछे की वजह प्रशासन की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है। ट्रंप की वापसी ऐसे समय हुई है, जब मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं।
ब्रिटेन के एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर की उड़ान का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी B-1B लांसर बॉम्बर ने ब्रिटेन स्थित RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से उड़ान भरी और मिडिल ईस्ट की दिशा में रवाना हुआ। हालांकि, इस गतिविधि से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह क्षेत्र में एक एयरबेस के आसपास एयर डिफेंस गतिविधियां बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
9 देशों में अमेरिकी नागरिकों को सावधानी की सलाह
अमेरिकी प्रशासन ने इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अमेरिका ने कहा है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष की स्थिति तेजी से बदल सकती है। नागरिकों को हवाई यात्रा और एयरपोर्ट से संबंधित ताजा सूचनाओं पर नजर रखने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए रखीं शर्तें
ईरान की ओर से युद्ध समाप्त करने के लिए कई शर्तें रखे जाने की बात सामने आई है। इनमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी रकम को जारी करना और समुद्री नाकाबंदी खत्म करना जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन मांगों को मध्यस्थ के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। अब ईरान की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब पर है।
सऊदी अरब ने मिसाइल हमले की कोशिश का दावा किया
सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि हूती संगठन ने राजधानी रियाद को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की कोशिश की। सऊदी सेना के अनुसार, मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया।
हूती पक्ष ने भी सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की बात कही है। उसके अनुसार, रियाद के साथ-साथ सऊदी तेल कंपनी अरामको की यानबू स्थित सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नर्गिस मोहम्मदी ने आम लोगों पर असर को लेकर चिंता जताई
ईरान की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गिस मोहम्मदी ने युद्ध, आर्थिक संकट और सरकारी दमन के कारण आम लोगों पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी दबाव और पाबंदियों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद ईरान में कई लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, खासकर युवा पीढ़ी अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है।
नर्गिस मोहम्मदी को 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। वह लंबे समय से मानवाधिकारों के मुद्दों को उठाती रही हैं और कई बार हिरासत में रह चुकी हैं।
मिडिल ईस्ट पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय नजर
अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी सुरक्षा अलर्ट, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों की खबरों और ईरान-सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रम के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तथा सैन्य गतिविधियों से क्षेत्र की स्थिति की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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