देश के मध्य, उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और कई राज्यों में इसका असर अब और भी गंभीर रूप लेता जा रहा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और यातायात व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कई राज्यों में तेज से अति-तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार और बड़वानी समेत कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि कई स्थानों पर नदियां और नाले उफान पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आ रही हैं। लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। कई जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई रिहायशी मकान प्रभावित हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, जिससे धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
महाराष्ट्र के मुंबई में भारी बारिश के बाद कुर्ला इलाके में लैंडस्लाइड की गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें दो लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की सूचना है। राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं गुजरात के महीसागर में जलभराव के बीच कई इलाकों में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला है। कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। चमोली में तेज बहाव के कारण एक वैली ब्रिज बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव, नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। आने वाले 24 घंटे कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जा रहे हैं, क्योंकि भारी बारिश का यह दौर और तेज हो सकता है।
News Wani
