महोबा। हजरत पीर मुबारक शाह का 767वां तीन दिवसीय उर्स का मंगलवार को कुल की फातिहा के साथ समाप्त हुआ। फातिहा में भारी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। लोगों ने मजार-ए-अकदस पर पहुंचकर फातिहा पढ़ी और मन्नाते मानी। इस मौके पर मुस्लिमों के अलावा हिन्दू भाईयों ने भी शिरकत की। दुआ के लिए हजारो हाथ उठे और मुल्क में अमन चैन और भाईचारा की दुआएं मांगी गई। उर्स समाप्त होने के बाद बाहर से आए अकीदमंद अपने अपने घर जाने के लिए रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के अलावा रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए।
शहर में मदन सागर किनारे स्थित पीर मुबारक शाह के मजार पर तीन दिन तक उर्स चलने के कारण भारी भीड़ जुटी। बाहरी लोगों के अलावा शहर से भी महिलाएं, पुरूषों का तांता लगा रहा। मंगलवार को करीब 11 बजे हुई कुल की फातिहा में भारी हुजूम उमड़ पड़ा। इस मौके पर मौलाना, हाफिजों और कारी ने पहुंचकर फातिहा पढ़ी। फातिहा के बाद सभी ने दुआएं मांगी साथ ही मन्नते मानी। तमाम लोगों की मन्नते पूरी होने पर फातिहा दिलाई तो किसी ने मजार पर चादर चढ़ाकर लंगर कराया, जिससे बाहर से आने वाले लोगों को खानपान की किसी भी तरह की कमी महसूस नहीं हुई। शहर के लोगों ने भी तीन दिन तक खूब लंगर छका। कुल की फातिहा के लिए सुबह से लोग मजार-ए-अकदस पर पहुंच गए।
फातिहा से पहले मजार-ए-अकदस पर नातिया कलाम पढ़ा गया, जिसे सुनने के लिए लोग भारी संख्या में पहुंचे, इसके बाद कुल की फातिहा शुरू हुई, जिससे चारो तरफ हुजूस उमड़ पड़ा। फातिहा के बाद आपसी भाईचारा, अमन चैक और खुशहाली की दुआएं की गई साथ ही अकीदतमंदों ने मन्नाते मानी। उर्स समाप्त होने के बाद बाहर से आए लोग अपने अपने की घर जाने के लिए रोडवेज, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की तरफ रवाना दिए।
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