महोबा। जिले के कबरई विकासखंड के अतरारमाफ गांव में देवी मंदिर तक जाने वाली सीसी सड़क के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 9 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के एक दिन के भीतर ही जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगीं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत निधि से गांव में देवी मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए 145 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई और सड़क बनाने में बड़ी मात्रा में डस्ट सहित घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसी वजह से सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
जेई के निर्देश के बावजूद काम जारी रखने का आरोप
भारतीय हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार के मुताबिक, निर्माण कार्य में अनियमितताओं को लेकर आपत्ति जताई गई थी। आरोप है कि संबंधित अवर अभियंता (जेई) ने फोन पर काम रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन ठेकेदार ने इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा। विरोध करने पर ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
जिला पंचायत ने दिया जांच का आश्वासन
गुरुवार को भारतीय हलधर किसान यूनियन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायत पर अपर मुख्य अधिकारी ने आश्वासन दिया कि जांच में यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो सड़क को उखाड़कर दोबारा बनवाया जाएगा। साथ ही दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मानकों के अनुरूप काम पूरा होने तक भुगतान पर रोक लगाई जाएगी।
अब ग्रामीणों की निगाहें जांच पर टिकी हैं। जांच में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर सड़क को दोबारा बनवाने और संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
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