यूपी में रसोई गैस सिलेंडर का संकट कम नहीं हो रहा है। लगातार चौथे दिन लोग परेशान हैं। बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। एजेंसियों के बाहर लाइनें लगी हुई हैं। पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। इसी बीच, बाराबंकी में सिलेंडर के लिए जमकर लात-घूंसे चले हैं। हुआ यूं कि गैस एजेंसी पर लाइन लगी थी। तभी सिलेंडर से भरी गाड़ी पहुंची और लाइन के बीच में एक युवक घुसने लगा। दूसरे युवक ने रोकने की कोशिश की तो मारपीट हो गई। गाजियाबाद में सिलेंडर के लिए लोगों ने हंगामा किया। जैसे ही एजेंसी पर ट्रक पहुंचा, लोग सिलेंडर लेने के लिए टूट पड़े। किसी तरह पुलिस ने स्थिति को संभाला। महराजगंज में बुकिंग न होने पर लोगों ने सड़क जाम कर दी। पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया। कानपुर में सिलेंडर के लिए 8 दिनों से एजेंसी पर लगातार आ रही महिला ने कहा कि मन कर रहा खुदकुशी कर लूं। शाहजहांपुर में 10 रुपए में भरपेट भोजन की सुविधा देने वाली ‘परी आपकी रसोई’ को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में एक एजेंसी पर 400 मीटर लंबी लाइन देखने को मिली। गैस किल्लत के चलते बाजारों में इंडक्शन कुकटॉप/चूल्हों की मांग भी बढ़ गई है। रेस्टोरेंट और होटलों पर भी दिखने लगा है। खाने-पीने की कई आइटम्स की कीमतें बढ़ने लगी हैं। आगरा में 20 रुपए वाली चाय 25 रुपए में मिल रही है। प्रदेश के कई जिलों में गैस की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। लोग दोगुनी कीमत देकर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं।
हालांकि, गैस कंपनियां किसी भी तरह की किल्लत से इनकार कर रही हैं। उधर, सीएम योगी ने गैस और तेल की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- अफसर 24 घंटे मॉनिटरिंग करें। गैस किल्लत को देखते हुए केंद्र ने यूपी सरकार को 80 लाख लीटर केरोसिन तेल दिया था। प्रदेश में कुल 4.26 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.87 करोड़ कनेक्शन शामिल हैं। यूपी में रोजाना औसतन 5 से 6 लाख सिलेंडरों की खपत होती है।
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