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मकबरा विवाद: दूसरे दिन शांत रहा माहौल, चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद

– मकबरे की त्रिस्तरीय बढ़ाई गयी सुरक्षा
– आसपास की आबादी क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात
–  आबूनगर रेड़इया स्थित मकबरे में बैरिकेटिंग का दृश्य व सुरक्षा में तैनात पुलिस बल।
फतेहपुर। राष्ट्रीय सम्पत्ति के रूप में दर्ज में अब्दुल समद के मकबरे को हिन्दू संगठनों के ठाकुर जी का मंदिर बताए जाने के बाद भारी भीड़ का मकबरे पर हमला व तोड़फोड़ के बाद पैदा हुआ अराजकता का माहौल मंगलवार को दूसरे दिन शांत रहा। घटनास्थल के आईजी के निरीक्षण के बाद पुलिस महकमा पहले से अधिक सक्रिय दिखा। गैर जनपदों से आये अपर पुलिस अधीक्षक रैक के अफसरों के अलावा भारी पुलिस बल की मौजूदगी से समूचा मकबरा क्षेत्र छावनी में तब्दील दिखाई दे रहा है। वहीं आस पास के आबादी क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दिया। पुलिस सुरक्षा ऐसी कि लोगों को अपने घरों को आने व जाने में पुलिस के सवाल जवाब का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि शहर के बीचों बीच स्थित राष्ट्रीय सम्पत्ति के रूप में दर्ज मकबरा को हिन्दू संगठनों द्वारा ठाकुर जी विराजमान का मंदिर बताया जा रहा है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे ऐतिहासिक इमारत मुगल वंशज नवाब अब्दुल समद का मकबरा व और राष्ट्रीय सम्पत्ति के रुप मे दर्ज बता रहे है। भाजपा नेताओं व हिन्दू संगठनों के आह्वान पर 11 अगस्त को पूजा अर्चना किये जाने के लिये प्रशासन से अनुमति माँगी थी। इसके लिए लोगो से एकत्रित होने को कहा गया था। हालांकि प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की अनहोनी होने की आशंका को देखते हुए मकबरे के आसपास बैरीकेट लगाकर सुरक्षा दी थी। भारी भीड़ ने पुलिस की सुरक्षा में सेंध लगाकर मकबरा में घुसकर तोड़फोड़ व नारेबाजी की थी जिससे के बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से भी पत्थरबाजी की बात सामने आई थी। दोनों पक्षों के आमने सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी थी पुलिस द्वारा दोनो पक्षों को किसी तरह शांत कर शहर के अमन को बचाया जा सका था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी डा. संजीव गुप्ता, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंथ व आईजी रेंज प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा ने जनपद पहुंचकर जिलाधिकारी रविंद्र सिंह व पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह के साथ हालातो का जायज़ा लिया था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई जनपदों से अपर पुलिस अधीक्षक समेत भारी पुलिस बल को बुलाकर लगाये गए हैं। मकबरे की सुरक्षा भी तीन स्तरीय की गई है। मुख्य सड़क से आने वाले रास्तों में बेरिकेट्स लगाकर फोर्स को तैनात किया गया है जबकि मुख्य मकबरे के आस पास भी दो स्तरीय बल्लियों से बेरिकेट्स लगाए गये हैं। मकबरे के चारों ओर भारी पुलिस बल की तैनाती की गयी है।

शहरकाज़ियों को किया ट्रोल, जताई सुरक्षा की चिंता
मकबरा विवाद और तोड़फोड़ से मुस्लिम समुदाय में दुख व आक्रोश भी देखने को मिला जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के दिये गए आश्वासन के बाद भी मकबरे में तोड़फोड़ की घटना हो जाने से मुस्लिम समुदाय में शहर काज़ियो मोअज्जि लोगों के विरुद्ध भी आक्रोश दिखा। सोशल मीडिया में शहर काजी अब्दुल्ला शाहीदुल इस्लाम की संयम बरतने की अपील पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल करते रहे। वहीं शहरकाज़ी कारी फरीद उद्दीन भी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे।

काश ऐसी सुरक्षा पहले लगाई होती
मकबरे विवाद के बाद सुरक्षा व्यबस्था के लिए मुख्य सड़क से अंदर जाने वाली गालियों के बाहर पुलिस के लगाए बेरिकेट्स से स्थानीय निवासियों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। सड़कों से अपने घरों को जाने के लिये लोगों को पुलिस के सवाल जवाब का भी सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना रहा कि काश ऐसी सुरक्षा पहले लगाई गई होती तो शहर के इतिहास में इतनी बड़ी घटना न घटती।

आईबी ने शहर में डाला डेरा
मकबरा विवाद कही न कही जिला प्रशासन की बड़ी चूक से साथ साथ खुफिया विभाग की भी बड़ी चूक देखने को मिली। स्थानीय ख़ुफ़िया एजेंसियां मामले की गंभीरता का पता ही नहीं लगा सकी। हालांकि दोनों पक्षों के संयम बरतने से शहर साम्प्रदायिक हिंसा की आग में जलने से बच गया। घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच की परिस्थितियों पर नज़र रखने व शासन को हालातों से अवगत कराने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी ने शहर के अलग अलग क्षेत्रो में डेरा डाल दिया है।

सपा विधायकों ने सदन में उठाया मुद्दा
मकबरे को हिन्दू मंदिर बताए जाने व तोड़फोड़ किये जाने की घटना को प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय व अमरोहा से विधायक कमाल अख्तर द्वारा सदन में उठाया गया। माता प्रसाद पांडेय द्वारा प्रदेश की कानून व्यवस्था के खराब होने व तोड़फोड़ के आरोपियों पर कार्रवाई किये जाने की प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी। वहीं अमरोहा से विधायक कमाल अख्तर ने भी मकबरे पर की गई तोड़फोड़ को राष्ट्रीय संपत्ति पर हमला बताते हुए घटना पर सरकार से कार्रवाई की मांग किया।

सांसद ने भाजपा पर साजिश रचने का लगाया आरोप
जनपद के सांसद एवं समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मकबरे पर की गई तोड़फोड़ को भारतीय जनता पार्टी की साजिश और नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि सदन में इस मुद्दे को उठाये जाने के लिए उन्होंने आग्रह पत्र दिया था लेकिन सदन के स्थगित होने की वजह से वह इसे सदन के समक्ष नहीं उठा सके।

राज्यसभा में इमरान प्रतापगढ़ी भी उठाएंगे मुद्दा
जनपद के ऐतिहासिक मकबरा में तोड़फोड़ का मामले की जानकारी कांग्रेस व सपा नेताओं के द्वारा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को दी गयी। स्थानीय नेताओं के द्वारा आवश्यक कागज़ों को उनके कार्यालय द्वारा मांगने पर भेजे जाने की बात कही गई। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी द्वारा अल्पसंख्यको की सुरक्षा व्य्वस्था को लेकर अक्सर सरकार को घेरते रहते हैं। इमरान प्रतापगढ़ी इस मुद्दे को उच्च सदन में उठा सकते है।

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