लखनऊ: बहुचर्चित शाइन सिटी घोटाले के मुख्य आरोपित राशिद नसीम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी समेत कई राज्यों में दर्ज 554 मुकदमों और करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित ठगी के इस मामले में यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार दुबई पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं।
2019 में नेपाल के रास्ते भागा
राशिद नसीम शाइन सिटी समूह का चेयरमैन बताया जाता है। आरोप है कि समूह ने रियल एस्टेट, निवेश योजनाओं और मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर हजारों निवेशकों से लगभग 1000 करोड़ रुपये की ठगी की। वह वर्ष 2019 में नेपाल के रास्ते दुबई फरार हो गया था। वर्ष 2025 में लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट, लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
554 मुकदमे दर्ज, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
शाइन सिटी ग्रुप के खिलाफ उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में कुल 554 मामले दर्ज हैं। निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर प्लॉट, फ्लैट और विभिन्न स्कीमों में पैसा निवेश कराया गया था। बाद में भुगतान और रिफंड बंद होने पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुईं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क का विस्तार कई राज्यों तक था और कंपनी ने व्यवस्थित तरीके से फर्जी निवेश मॉडल चलाया।
300 करोड़ की संपत्तियां अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब तक राशिद नसीम की लगभग 150 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुका है। वहीं अन्य आरोपितों की करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी 2026 में यूएई प्रशासन को विस्तृत डोजियर भेजा गया था, जिसमें नसीम के खिलाफ दर्ज मामलों, वित्तीय अनियमितताओं और उसके विदेश भागने का पूरा ब्यौरा शामिल था।
डिपोर्टेशन की कोशिशें तेज
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और ईडी के अधिकारी विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि राशिद नसीम को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, चर्चा यह भी है कि नसीम की वीजा अवधि समाप्त होने वाली थी। बताया जा रहा है कि उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने से पहले ही यूएई में एक चेक बाउंस मामले में गिरफ्तार किया गया। हालांकि एजेंसियों का दावा है कि उनकी सक्रिय पहल के चलते ही यह कार्रवाई संभव हो सकी।
वापसी के बाद तेज होगी सुनवाई
अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही राशिद नसीम को भारत लाया जाएगा, सभी लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी। निवेशकों को न्याय दिलाने और धन की रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
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