लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। गुरुवार सुबह लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद और गोरखपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। कई स्थानों पर आसमान में घने बादल छाए रहे, जबकि कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। इनमें 18 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को अलर्ट रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रतापगढ़ में पुलिस ने लाउडस्पीकर से लोगों को किया सतर्क
बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रतापगढ़ में पुलिस प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया। नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
वाराणसी, गोरखपुर और सोनभद्र में बारिश का असर
वाराणसी में सुबह से बारिश होने के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर निकले लोग रेनकोट और छाते का सहारा लेते नजर आए। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आई है। गोरखपुर में घने बादलों के बीच कई इलाकों में बारिश हुई और तेज हवाएं चलने से मौसम ठंडा हो गया।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज, चोपन, ओबरा, बभनी, घोरावल और दुद्धी सहित कई क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला। वहीं, बलिया, अयोध्या, रायबरेली और गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में भी मौसम में बदलाव दर्ज किया गया।
धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय धान की फसल पककर तैयार है और कई क्षेत्रों में कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है। खेतों में कटी हुई धान की फसल के पानी में भीगने से अनाज की गुणवत्ता खराब होने और दाने काले पड़ने का खतरा है।
इसके अलावा जिन किसानों ने गेहूं, सरसों और आलू की बुवाई की तैयारी की है, उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से बुवाई का काम प्रभावित होने और रबी की फसलों की तैयारी में देरी होने की आशंका है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जलभराव न होने दें। बारिश के दौरान खेतों में खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक खेती से जुड़े कार्य सावधानीपूर्वक करें।
जिन किसानों की फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा है, वे नुकसान होने की स्थिति में निर्धारित समयसीमा के भीतर बीमा कंपनी को सूचना दें। खबर में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसान टोल-फ्री नंबर 14447 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
अगले तीन दिन तक सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसानों को भी मौसम का पूर्वानुमान देखकर फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
नोट: बारिश और तूफान से संबंधित परिस्थितियां जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। अपने क्षेत्र के लिए मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा सलाह का पालन करें।
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