सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम न केवल देश के आध्यात्मिक केंद्र हैं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बिंदु भी हैं। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम केवल आध्यात्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बिंदु भी हैं। राष्ट्र को शक्ति यहीं से मिलती है। हमने इन केंद्र बिंदुओं को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाया है। हमने इनकी विरासत का सम्मान और संरक्षण किया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री एमएल खट्टर और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ गुरुदेव समाधि मंदिर में मूर्ति स्थापना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यहां उपस्थित सभी संत, आध्यात्मिक नेता और भक्त सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं और गंगा के पवित्र तट पर स्थित पवित्र सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्रित होकर राष्ट्र और संस्कृति में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन महान व्यक्तित्वों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रीय कर्तव्य, सेवा, त्याग और करुणा को समर्पित किया, वे मात्र तपस्वी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना से जुड़े दिव्य संत थे। इस बीच, कार्यक्रम में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, जूना अखाड़ा आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, शंकराचार्य राजराजेश्वर आश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, महामंडलेश्वर स्वामी बाल्कनंद महाराज, महामंडलेश्वर विशोखानंद, महंत देवानंद सरस्वती और महंत नारायण गिरि महाराज सहित बड़ी संख्या में संत, जन प्रतिनिधि और भक्त उपस्थित थे।