लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर शनिवार को लगाए गए एक राजनीतिक पोस्टर को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई। विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर सपा नेता मोहम्मद इखलाक की ओर से लगाए गए पोस्टर में तुकबंदी वाले नारे के जरिए भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा गया।
पोस्टर में लिखा गया है— “एक कचौड़ी, दो समोसा, जनता को भाजपा पर नहीं भरोसा”। इसके साथ ही चुनाव आयोग को लेकर भी एक अलग नारा लगाया गया है। पोस्टर में चुनाव आयोग की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
युवाओं के भरोसे का मुद्दा बताया
पोस्टर लगाने वाले सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने इसे केवल तुकबंदी वाला राजनीतिक संदेश नहीं बताया। उन्होंने युवाओं और मतदाताओं के भरोसे से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल किए। उनके अनुसार रोजगार और बेहतर भविष्य को लेकर युवाओं के बीच कई सवाल हैं।
हालांकि, रोजगार और सरकार की नीतियों को लेकर पोस्टर में लगाए गए आरोप सपा नेता के राजनीतिक दावे हैं। इन दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल
पोस्टर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सपा नेता ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े पुराने विवादों का हवाला देते हुए अपनी आपत्तियां सामने रखीं। वहीं, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक पक्ष की ओर से व्यक्त किए गए दावे हैं।
पहले अखिलेश यादव भी इस्तेमाल कर चुके हैं नारा
यह नारा हाल के दिनों में राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना है। 1 अक्टूबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसी तुकबंदी का इस्तेमाल करते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य व्यवस्था और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा था।
लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर नया पोस्टर सामने आने के बाद यह नारा एक बार फिर यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और पोस्टर वार का दौर भी तेज होता दिखाई दे रहा है।
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