कानपुर। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महापुरुषों के सम्मान और उनसे जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि महापुरुषों के विचारों को सम्मान देना और उनकी विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर महापुरुषों के नाम और उनसे जुड़े स्थलों की पहचान बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने महापुरुषों के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए उनसे जुड़े स्मारकों और स्थलों के विकास पर ध्यान दिया है।
महापुरुषों के स्मारकों की सुरक्षा पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में महापुरुषों से जुड़े स्थलों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत स्मारकों की बाउंड्रीवाल, प्रतिमाओं पर छत्र और छत की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मारकों का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी भी है। उनके विचारों और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
महर्षि वाल्मीकि के योगदान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने रामायण के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर मंदिर और एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महापुरुषों को सम्मान देने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने संत रविदास की शिक्षाओं और बाबा साहब आंबेडकर के सामाजिक योगदान का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महापुरुषों के विचार समाज में समानता, सम्मान और जागरूकता का संदेश देते हैं।
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास की चर्चा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, नैमिषारण्य और बिठूर में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को विकसित करने के साथ उनकी पहचान और विरासत को संरक्षित रखने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने महिला पीएसी बटालियनों और महाराजा बिजली पासी स्मारक का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान को सम्मान देना और विकास योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम है दलित समाज
उत्तर प्रदेश में दलित मतदाता चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दल महापुरुषों के सम्मान, सामाजिक भागीदारी और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देते रहे हैं।
वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास और बाबा साहब आंबेडकर का उल्लेख करते हुए सामाजिक सम्मान और स्मारकों के संरक्षण पर जोर दिया। उनके संबोधन में महापुरुषों की विरासत, धार्मिक स्थलों के विकास और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
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