पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली से जुड़े मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि स्कूल की समस्याओं को सामने लाने के बाद उसके पिता की हत्या कर दी गई। कार्यकर्ता ने दावा किया कि विरोध करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई।
पीड़ित कार्यकर्ता के मुताबिक, स्कूल में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। भवन की जर्जर हालत, साफ-सफाई की समस्या, पेयजल की अनुपलब्धता और विद्यार्थियों के लिए जरूरी संसाधनों की कमी को लेकर उसने लगातार आवाज उठाई थी। उसका आरोप है कि शिकायतों को दबाने के लिए स्थानीय स्तर पर उस पर दबाव बनाया गया और उसे चुप रहने की धमकियां दी गईं।
कार्यकर्ता का दावा है कि जब उसने स्कूल की स्थिति से जुड़े दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक कीं, तो विवाद और बढ़ गया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उसने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और परिवार को भी डराने-धमकाने की कोशिश हुई।
सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यकर्ता ने कहा कि उसके पिता की हत्या भी इसी विवाद से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिवार ने पुलिस से मामले की गहन जांच, आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने की मांग की है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल की समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। विपक्ष ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें।
पीड़ित परिवार ने मामले की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, शिक्षा विभाग से भी स्कूल की स्थिति पर रिपोर्ट मांगे जाने की संभावना है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्कूल की बदहाली के खिलाफ उठाई गई आवाज और कार्यकर्ता के पिता की मौत के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
News Wani
