उत्तर प्रदेश में बुजुर्ग महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा आज से शुरू हो गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश की वरिष्ठ महिला यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें बस यात्रा के किराए के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। योजना का लाभ मिलने पर कई बुजुर्ग महिलाओं ने खुशी जताई और इसे महिला सम्मान व आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर अपनी बात रखी। महिला ने कहा कि मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से अब उन्हें हर छोटी-बड़ी यात्रा के लिए परिवार वालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। सरकार की इस पहल से बुजुर्ग महिलाओं के लिए आवागमन आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक यात्राओं के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे वे अस्पताल, बैंक, सरकारी कार्यालय, रिश्तेदारों के घर और धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। किराए की चिंता कम होने से उनके लिए जरूरी कामों को पूरा करना भी आसान होगा।
रोडवेज बसों में यात्रा के दौरान पात्र महिला यात्रियों को अपनी उम्र से संबंधित वैध पहचान पत्र दिखाना पड़ सकता है। परिवहन विभाग की ओर से बस परिचालकों को योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के समय पहचान संबंधी दस्तावेज अपने साथ रखें, ताकि सुविधा का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
इस फैसले को प्रदेश में महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मुफ्त बस यात्रा उनके लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार साबित होगी। कई महिलाओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बस अड्डों पर उनके लिए बैठने, पेयजल और सहायता केंद्र जैसी सुविधाओं को भी और बेहतर किया जाएगा।
परिवहन विभाग को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बुजुर्ग महिला यात्रियों के साथ बसों में सम्मानजनक व्यवहार हो। जरूरत पड़ने पर उन्हें बस में चढ़ने और उतरने में सहायता दी जाए। इस पहल से न केवल महिलाओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि उन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए अधिक स्वतंत्रता भी मिलेगी।
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