महोबा। हजरत मोहम्मद साहब की यौम ए पैदाइश (बारावफात) को लेकर मुस्लिम समुदाय और बारावफात कमेटी ने सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। शहर के मुख्य मार्गों के अलावा चैराहो और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हरे परचम लगाकर और बड़े बड़े हरा कपड़े से भव्य सजावट की गई है। सड़क किनारे बांस बल्लियां लगाकर उसमें बिजली की झालरें व रंग बिरंगी बिजली की सजावट करके शहर को नया रूप दिया गया है, जिसके चलते शाम होते ही पूरा शहर जगमगा उठता है। सोमवार की देर शाम तक कुछ इलाकों में युवा बांस बल्लियां लगाकर सजावट करने में जुटे रहे।
बारावफात पर्व को लेकर युवाओं में कुछ अलग ही उत्साह रहता है। रबीउल अव्वल का चांद नजर आते ही युवक अपने अपने मोहल्लों और सड़कों के दोनो तरफ बांस बल्लिया गाड़ने का काम शुरु कर देते हैं, इसके बाद पूरे मार्ग में लगी बांस बल्लियों में कोई बिजली की आकर्षक सजावट करता है तो कोई हरे कपड़े से बांस बल्लियों को सजाता है। इतना ही नहीं समूचे मार्गों पर हरे परचम लगाकर लोग यौम ए पैदाइश का अहसास कराते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक युवा प्रतिदिन सड़कों के किनारे एक सप्ताह तक अपने सारे कामकाज छोड़कर सजावट करने के कार्य में जुटे रहते हैं। यही वजह है कि यौम ए पैदाइश के मौके पर समूचे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
शहर के मार्गों के अलावा मस्जिदों, मजारों और अपने अपने घरों को लोगों ने बिजली की आकर्षक सजावट की है। कई स्थानों पर बनाए गए मदीना मुनव्वरा, काबा शरीफ और झरना तैयार करके उस पर भी बिजली की सजावट के साथ हरी हरी घास भी चारो तरफ लगाकर सजावट की गई, जिसे देखने के लिए महिलाएं पुरुष यौम ए पैदाइश के दिन पहुंचते हैं। सजावट देखने के चक्कर में पूरी रात शहर में चहल पहल बनी रहती है।

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