Breaking News

बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात, काशी के 84 घाट जलमग्न; बिहार में हजारों लोग बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर से हालात चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने से 84 घाट डूब गए हैं। घाट किनारे संचालित करीब 5 हजार दुकानों को बंद करना पड़ा है। कई निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

वाराणसी के बीएचयू अस्पताल परिसर में भी बारिश का असर दिखाई दिया, जहां जलभराव के बीच मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह लोग घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए।

बिहार में भी गंगा के उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बेगूसराय में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि करीब 50 हजार से अधिक लोग बाढ़ के पानी से घिरे बताए जा रहे हैं। भागलपुर के नवगछिया में राघोपुर-नरकटिया तटबंध टूटने से करीब 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।

मध्य प्रदेश में भी अगले दो दिनों के दौरान बारिश तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के 21 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड में धारचूला-गुंजी के पास लैंडस्लाइड के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ है। वहीं हिमाचल प्रदेश के चंबा में पहाड़ का मलबा सड़क पर गिरने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। हरियाणा के गुरुग्राम में भी भारी जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ और कई इलाकों में जलनिकासी की समस्या सामने आई।

देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

राजस्थान के कई जिलों में भी तेज बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश के बाद कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कुछ स्थानों पर पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात रोक दिया गया है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।

छत्तीसगढ़ में भी लगातार बारिश से कई जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने बांधों और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में बिजली गिरने और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।

प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

About NW-Editor

Check Also

लोकसभा चुनाव के बाद बदला विपक्षी समीकरण, सहयोगी दलों की बढ़ी सियासी ताकत; जयंत-राजभर भी मजबूत हुए

उत्तरप्रदेश: लोकसभा चुनाव के नतीजों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *