कोलकाता हाईकोर्ट में मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों पर कड़ा रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि ईसाई शिक्षण संस्थानों में भी छात्र नियमित रूप से प्रार्थना में शामिल होते हैं, तो केवल मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है। अदालत ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गीत गाने से कोई असाधारण स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
याचिका में मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पदों के अनिवार्य गायन को चुनौती दी गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कई सवाल पूछते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। अदालत ने केंद्र और संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा है। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अंतिम निर्णय आना बाकी है।
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