पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा भड़क गई है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर दुकानों में तोड़फोड़ और अपने दफ्तरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
-1778040566276_v.webp)
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हिंसक घटनाओं का सिलसिला जारी है। मंगलवार देर रात राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के नैजाट में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई।
इस दौरान पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया गया। नैजाट थाने के प्रभारी और एक कांस्टेबल को गोली लग गई। हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना उत्तर 24 परगना के नैजाट पुलिस स्टेशन के राजबाड़ी इलाके में हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वहां दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। सूचना मिलने पर नैजाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी भरत प्रसून कर मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उस समय एक घर के अंदर से गोलियां चलाई गईं। गोली भरत प्रसून के पैर में लगी।
एक अन्य कांस्टेबल को भी गोली लगी है। हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान घायल हो गए। घायलों को कोलकाता के चित्तरंजन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर साकेट बम बरामद किए और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया कि वे राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा की किसी भी घटना को लेकर कतई बर्दाशत नहीं करने की नीति अपनाएं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश तब जारी किया, जब राज्य में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में कथित तौर पर दो लोगों की हत्या कर दी गई और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों और केंद्रीय बलों- दोनों को ही सतर्क रहने तथा किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “स्थिति नियंत्रण में रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बीच घनिष्ठ समन्वय पर ज़ोर दिया गया है।”
News Wani
