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मलाड स्टेशन केस में बड़ा खुलासा: प्रोफेसर आलोक सिंह पर हमला करने वाला ओंकार शिंदे गिरफ्तार, सामने आई पूरी सच्चाई

देश की आर्थिक राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘मुंबई लोकल’ से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. मलाड स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय हुए एक मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि एक शख्स ने सरेआम उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक प्रोफेसर की चाकू मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है.

क्या है पूरा मामला?

शनिवार शाम को बोरीवली की तरफ जा रही एक लोकल ट्रेन जब मलाड स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दाखिल हो रही थी, तभी यह खौफनाक वारदात हुई. ट्रेन में भीड़ के बीच उतरने को लेकर 33 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह और 27 वर्षीय ओमकार एकनाथ शिंदे के बीच कहासुनी हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि शिंदे ने गुस्से में आपा खो दिया और आलोक सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. जैसे ही ट्रेन रुकी, शिंदे ने पास रखे धारदार चाकू से आलोक के पेट पर हमला कर दिया और उनका पेट चीर दिया. हमले के बाद प्रोफेसर लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े और आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकला.

कौन थे प्रोफेसर आलोक सिंह?

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले आलोक कुमार सिंह मुंबई के प्रतिष्ठित एनएम कॉलेज में प्रोफेसर थे. महज दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी. वह मलाड में अपने घर जाने के लिए ट्रेन से उतरे ही थे कि यह हादसा हो गया. जीआरपी (GRP) के जवान उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

CCTV और 12 घंटे का सर्च ऑपरेशन

वारदात के बाद मलाड स्टेशन पर हड़कंप मच गया. बोरीवली जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला गया, जिसमें आरोपी ओमकार शिंदे भागता हुआ दिखाई दिया. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से महज 12 घंटे के भीतर पश्चिमी उपनगर के कुरार इलाके से शिंदे को धर दबोचा.

कौन है आरोपी ओमकार शिंदे?

आरोपी ओमकार शिंदे (27) पेशे से दिहाड़ी मजदूर है और मेटल पॉलिशिंग का काम करता है. पुलिस जांच में पता चला है कि उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. यह हत्या पूरी तरह से तात्कालिक गुस्से का नतीजा थी. पुलिस ने शिंदे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है.

लोकल ट्रेनों में बढ़ती हिंसा एक चिंता

मुंबई लोकल में सीट या चढ़ने-उतरने को लेकर धक्का-मुक्की आम बात है, लेकिन पिछले कुछ समय में हिंसा के स्तर में बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल भी महिला डिब्बे में मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था. हालांकि, किसी प्रोफेसर की इस तरह सरेआम हत्या ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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