Breaking News

संवेदनशील एसडीएम डलमऊ का बेशर्म रवैया, दो मौत पर नही पसीजा दिल

-मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के साथ फोटो वायरल, कर्तव्यनिष्ठा शून्य

डलमऊ रायबरेली: डलमऊ में मार्ग दुर्घटनाओं में जान गवाने का सिलसिला गुरुवार को लालगंज मार्ग पर दो मौतों के साथ अनवरत जारी रहा यातायात माह जनवरी में अब तक डलमऊ में आधा दर्जन के करीब मौतें हो चुकी जिनकी सुध लेकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज कर खानापूर्ति के साथ जिम्मेदारी की इतिश्री कर लेने वाले प्रशासनिक अमले की असंवेदनशील रवैया लगातार जारी है किसी ने मां खोई तो किसी ने घर का चिराग तो किसी ने भाई बहन को एक साथ खो दिया जिसके बाद अस्वासन के अलावा प्रशासन के पास कोई ठोस विकल्प को अमली जामा पहनाने की जरूरत नही समझी गयी.घटना कोतवाली क्षेत्र के मुराई बाग कस्बे के लालगंज रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने भाई बहन को जोरदार टक्कर मार दी जिससे भाई बहन की दर्दनाक मौत हो गई दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार भाई बहन को रौंदा, दोनों भाई बहन की मौके पर हुई दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर शुरू किया धरना प्रदर्शन मामला डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के मुराई बाग चौराहे के पास की है जहां अंकित उम्र 25 वर्ष अपनी बहन सोनम उम्र 22 वर्ष निवासी गुंजन का पुरवा कोतवाली डलमऊ के साथ जा रहा था तभी मुराई बाग चौराहे के पास तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी जोरदार थी कि भाई बहन की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम धरना प्रदर्शन शुरू किया सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को मय ट्रक के कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू की। एसडीएम की सूबे के मुखिया से साथ फोटो वायरल,घटनास्थल पर नही पहुंचे एसडीएम उपजिलाधिकारी डलमऊ की कार्यशैली की शिथिलता का अंदाजा सिर्फ इस बात से ही लगाया जा सकता है कि किसी भी घटना में उनकी उपस्थिति शून्य रहती है जबकि उपजिलाधिकारी डलमऊ का ध्यान केवल भ्रस्टाचार के नए नए विकल्पों के सृजन में रहता है उपजिलाधिकारी डलमऊ अक्सर लोगों को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ फोटो को दिखाकर क्षेत्रीय नेताओं और अधिकारियों पर अपना दबदबा कायम रखते है यहां तक कि दुर्घटना के क्षेत्रीय दलों और समाजसेवी व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के द्वारा ज्ञापन देने के क्रम में तहसीलदार डलमऊ के द्वारा उसे स्वीकार किया गया जबकि उपजिलाधिकारी डलमऊ कार्यालय के अंदर से बाहर निकल कर पीड़ित पक्ष को ढांढस तक देना भी उचित नही समझा.गुरुवार को घटना में हुई भाई बहन की मौतों के बाद भी मौके पर पहुंचना जरूरी नही समझा और फोन उठाना तो उनकी शान के ख़िलाफ़ ही है. उपजिलाधिकारी डलमऊ की कर्तव्यनिष्ठा कार्यालय तक ही सीमित रहती है जिसके बाहर के कर्तव्यों के निर्वाहन का दायित्व शायद उनकी कार्यसीमा से बाहर रहती है.

अतिक्रमण हटाने पर बनी सहमति : गुरुवार को हुई घटना के बाद व्यापारी संगठनों व क्षेत्रीय प्रशासन के मध्य घटनाओं के दो बड़े कारणों पर सहमति बनी जिसमे बड़े वाहनों को विद्यालय के छुट्टी के समय पर पूर्ण पाबंदी व नगर क्षेत्र के अंदर बेतरतीब अतिक्रमण को हटाने की सहमति के साथ व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया हालांकि इस अवसर पर उपजिलाधिकारी डलमऊ घटना व घटनास्थल से दूरी बनाने में कामयाब रहे. नायब तहसीलदार व क्षेत्राधिकारी के आश्वासन पर धरना समाप्त गुरुवार को हुई दुर्घटना में भाई बहन की मौत पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह व क्षेत्राधिकारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी व प्रभारी निरीक्षक राघवन सिंह ने उत्तेजित गमगीन भीड़ को रविवार तक समय लेकर भारी वाहनों पर सख्त नियम के आश्वासन पर धरने को शांत कराया जिसके बाद लोगों ने क्षेत्राधिकारी डलमऊ के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया.

About NW-Editor

Check Also

दलित युवक की दर्दनाक हत्या, राहुल गांधी बोले – ‘न्याय की हर लड़ाई में कांग्रेस आपके साथ’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस दलित युवक के पिता और भाई से बात की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *