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“सियासत और रिश्तों की कसौटी: क्या प्रतीक–अपर्णा का 25 साल पुराना बंधन टूटने की कगार पर?”

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बवाल मचा हुआ है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। प्रतीक ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक और गुस्से भरा पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपर्णा को “स्वार्थी महिला” करार देते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने उनका पूरा परिवार बर्बाद कर दिया।

प्रतीक यादव ने पोस्ट में लिखा: “स्वार्थी महिला ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया। इसने मेरी दिमागी हालत खराब कर दी है। मैं इस महिला से जल्द से जल्द तलाक लेना चाहता हूं। उसने सिर्फ अपने निजी फायदे और प्रसिद्धि के लिए मेरे पारिवारिक रिश्तों को तोड़ा है।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विभिन्न न्यूज चैनलों व हैंडल्स द्वारा इसे ब्रेकिंग न्यूज के रूप में शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स और मीडिया अकाउंट्स ने स्क्रीनशॉट्स के साथ इसकी पुष्टि की है।

पृष्ठभूमि और पारिवारिक संबंध

प्रतीक यादव, पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे हैं (दूसरी पत्नी साधना गुप्ता से) और अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। प्रतीक खुद राजनीति से दूरी बनाए रखते हैं और बॉडीबिल्डिंग तथा बिजनेस में रुचि रखते हैं। वहीं, उनकी पत्नी अपर्णा यादव (जन्म नाम अपर्णा बिष्ट) काफी सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं।

  • अपर्णा पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं और 2017 में लखनऊ कैंट से चुनाव भी लड़ीं।
  • 2022 में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
  • दोनों की शादी 2011 में हुई थी और उनकी एक बेटी भी है।

यह घटना इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि अपर्णा की बीजेपी में सक्रियता और प्रतीक का सपा परिवार से जुड़ाव पहले से ही चर्चा का विषय रहा है। परिवार में पहले से ही कुछ मतभेद की खबरें आती रही हैं, लेकिन यह पहली बार है जब प्रतीक ने इतने खुले तौर पर अपनी पत्नी पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या कह रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स?

  • कई लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, क्योंकि अपर्णा बीजेपी में हैं और प्रतीक सपा परिवार से जुड़े हैं।
  • कुछ यूजर्स अपर्णा के करियर और उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को इस तलाक की वजह मान रहे हैं।
  • वहीं, कुछ इसे निजी मामला बताकर दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।

अभी तक अपर्णा यादव या किसी आधिकारिक सूत्र से इस पोस्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। तलाक की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला आगे कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले सकता है, क्योंकि दोनों परिवार उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी प्रभावशाली हैं।

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