ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने एक बार फिर छंटनी का कदम उठाया है, जिससे कंपनी के 600 से ज्यादा कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव्स को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. यह छंटनी कंपनी ने उन कर्मचारियों को निकालने के रूप में की है, जिन्हें एक साल पहले ही भर्ती किया गया था. जोमैटो ने इन कर्मचारियों को अपने Zomato Associate Accelerator Program (ZAAP) के तहत काम पर रखा था, लेकिन एक साल के भीतर ही कंपनी ने बिना किसी नोटिस के उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.
कर्मचारियों ने जताई नाराजगी- कंपनी के कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों को निकालने के निर्णय के बाद कर्मचारियों के बीच नाराजगी देखने को मिली है. ज्यादातर कर्मचारी वो थे, जिनकी उम्मीदें अपने एक साल के कार्यकाल के बाद प्रमोशन और कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल से जुड़ी थीं. लेकिन अब ये सभी कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इन कर्मचारियों को निकाले जाने का कारण कंपनी द्वारा खराब प्रदर्शन, अनुशासनहीनता, कस्टमर सपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता उपयोग और कॉस्ट कटिंग को बताया गया है.
कंपनी ने क्यों उठाया ये कदम?- कंपनी ने यह कदम तब उठाया जब उसके फूड डिलीवरी बिजनेस में ग्रोथ देखी जा रही थी. लेकिन दूसरी ओर, उसकी सब्सिडियरी ब्लिंकिट को लगातार घाटा हो रहा है. ब्लिंकिट, जो कि फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी का काम करता है, को अब भी घाटे का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले, जोमैटो ने 2023 में अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर भी कुछ चिंताएं जताई थीं. इसके बावजूद, कंपनी ने कस्टमर सपोर्ट के क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को भर्ती किया था, जिनमें से अधिकांश अब बिना किसी नोटिस के काम से बाहर हो गए हैं.
AI का बढ़ता प्रभाव- जोमैटो ने अपनी कस्टमर सपोर्ट सेवा को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. कंपनी ने हाल ही में एक नया एआई-जेनरेटेड कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म “Nugget” लॉन्च किया है, जिसका उपयोग हर महीने 1.5 करोड़ कस्टमर इंटरएक्शन में हो रहा है. यह प्लेटफॉर्म कस्टमर के सवालों के जवाब देने और समस्याओं का समाधान करने के लिए AI का सहारा लेता है. इससे जोमैटो को कस्टमर सपोर्ट में लागत कम करने और अधिक प्रभावी सेवा प्रदान करने का मौका मिल रहा है. हालांकि, इस बदलाव का असर कस्टमर सपोर्ट कर्मचारियों पर पड़ा है, क्योंकि कई कर्मचारियों का काम AI द्वारा ऑटोमेट किया जा रहा है.
कंपनी की वित्तीय स्थिति- अगर जोमैटो के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी को 2024-25 की तीसरी तिमाही में एक बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है. वित्तीय तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 57% घटकर केवल 59 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 138 करोड़ रुपये था. यह गिरावट जोमैटो के लिए चिंता का विषय बन गई है, खासकर तब जब वह अपनी फूड डिलीवरी और अन्य सेवाओं के विस्तार की योजना बना रही है.
इसका मुख्य कारण ब्लिंकिट की लगातार बढ़ती घाटे की स्थिति हो सकती है, जो फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के बावजूद लाभ में नहीं आ पा रही है. कंपनी को यह स्थिति संभालने के लिए नए तरीके खोजने होंगे, जिससे उसकी सब्सिडियरी ब्लिंकिट को भी सुधारने का मौका मिल सके.