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40 साल बाद दस्तावेज में फर्जी बेटे का नाम, शख्स रह गया दंग!

गाजीपुर में संपत्ति के लिए फर्जीवाड़े का अजीबोगरीब मामला सामने आया है.. मामला दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के धामपुर गांव का है. यहां के गोरख यादव की शादी साल 1982 में मऊ के पखईपुर में हुई थी. लेकिन किसी बात को लेकर पत्नी एक माह बाद ही उन्हें छोड़कर चली गई. इसके 7 साल के बाद गोरख यादव की शादी 1989 में सीखरी गांव में हुई. इनसे तीन पुत्र बृजेश, मनोज और अनुज हुए. इनका नाम राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर और कुटुंब रजिस्टर में भी दर्ज कराया गया.

पहली पत्नी जो एक माह बाद उन्हें छोड़कर चली गई थी, उनसे कोई बच्चा भी नहीं हुआ था. लेकिन इस बीच, फर्जीवाड़ा कर कुटुंब रजिस्टर में एक और नाम चढ़ा दिया गया. यह नाम कैलाश यादव था. कुटुंब रजिस्टर में इसे पहली पत्नी का बेटा बताया गया. आरोप है कि गांव के ही सचिव से मिलीभगत कर जमीन हथियाने के चक्कर में यह फर्जीवाड़ा किया गया था. इसकी शिकायत गोरख यादव के पुत्र बृजेश ने एसडीएम जखनिया को बीते 3 फरवरी को प्रार्थना पत्र देकर किया.

इसके बाद एसडीएम ने उस मामले पर कार्रवाई का निर्देश दिया. इसी बीच, सचिन राजकमल गौरव ने दोबारा से परिवार रजिस्टर का नकल जारी किया. इसमें उसने कैलाश यादव का नाम काट दिया. जबकि पूर्व में कुटुंब रजिस्टर की नकल में कैलाश यादव का नाम सबसे नीचे दर्ज किया गया था. परिवार वालों की माने तो इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई थी.

जब कैलाश यादव ने गांव के ही एक व्यक्ति को फोन कर गोरख यादव की अचल संपत्ति में हिस्सा दिलाने की मांग की थी और उस हिस्से की बिक्री करने की भी बात कही थी. इस मामले को उक्त व्यक्ति के द्वारा इसकी जानकारी बृजेश यादव के परिवार के लोगों को दी गई. जब उन्होंने लोगों ने परिवार रजिस्टर का नकल निकलवाया तब इस फर्जी वाडे का मामला सामने आया था.

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