– खेती बाड़ी के साथ किसान बनेगा समृद्ध
– जैविक कृषि मेले में मंचासीन अतिथि।
मलवां, फतेहपुर। तेलियानी विकास खंड के आदमपुर गांव में नमामि गंगे योजना के तहत आयोजित जैविक कृषि मेला का आयोजन कृषि विभाग की सर्विस प्रोवाइडर ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मध्य प्रदेश द्वारा गुरुवार को किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन संभावनाओं को खोज रहे शोधार्थी अनिल कुमार ने एग्री टूरिज्म के बारे में किसानो को जानकारी देते हुए बताया कि खेती की गतिविधियों में शामिल ट्रैक्टर चलाना, फल-सब्जी तोड़ना जो पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाता है। बताया कि आपके क्षेत्र शिवराजपुर, आदमपुर, ज्वाला जी बिंदकी, बागबादशाही खजुहा में पर्यटन की दृष्टि से तमाम कार्य स्वीकृत हुए है। किसान यदि अपने कृषि प्रक्षेत्र के रूप में नया पर्यटन केंद्र देना चाहते हैं, जो खेती-किसानी में रुचि रखते हैं। इससे न सिर्फ खेती में रुचि रखने वाले पर्यटक व श्रद्धालु उन्नत कृषि तकनीक जान सकेंगे, बल्कि टूरिज्म इंडस्ट्री को भी एग्री टूरिज्म प्रक्षेत्र के रूप में नया केंद्र मिलेगा।सरकार भी इस योजना के अंतर्गत एग्री टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। जिससे गांव घर का किसान समृद्ध हो सके। सेवानिवृत संयुक्त कृषि निदेशक डा. ओपी वर्मा ने मित्र शत्रु कीटो को पहचान बताई। उद्यानिकी वैज्ञानिक डा संजय कुमार ने गर्मी के मौसम में उद्यानिकी फसलों में होने वाले रोगों के उपचार के तमाम तरीके बताए। वैज्ञानिक डा. शिवमंगल सिंह ने बताया कि गर्मी की जुताई कर मेड बंदी जरूर करे। वैज्ञानिक डा जगदीश किशोर ने कहा कि फसल चक्र का उपयोग जरूर करे। गोधारित प्राकृतिक खेती प्राकृतिक संसाधनों से करने पर रमाकांत तिवारी ने जीवामृत, बीजामृत बनाने उपयोग के विधि बताई।मास्टर ट्रेनर वीरेंद्र यादव ने फेरोमैन ट्रैप, फ्लाई ट्रैप, ग्लू ट्रैप से कीट नियंत्रण की विधि बताई। औषधि खेती पर जोर देते हुए अमित श्रीवास्तव ने कहा कि औषधि खेती करने से पशु नुकसान नहीं पहुंचाते। अध्यक्षता फूलचंद्र पटेल ने किया। संचालन आलोक गौड़ ने किया। इस मौके पर ईश एग्रीटेक के प्रोजेक्ट क्वार्डिनेटर जितेंद्र सिंह, अनिल मिश्रा, विवेक, अखिलेश, रामेंद्र पटेल, राहुल आदि रहें।

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