तमिलनाडु में के. अन्नामलाई और भाजपा की राह अलग हो गई. अन्नामलाई का इस्तीफा भाजपा ने मंजूर कर लिया. भाजपा से अलग होते ही अन्नामलाई ने हुंकार भरी कि उनका संगठन अगली बार तमिलनाडु का चुनाव लड़ेगा. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उनके और भाजपा के बीच पिछले 18 महीने से मतभेद थे. अन्नामलाई तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व चीफ रह चुके हैं. अन्नामलाई ने आज यानी शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भाजपा छोड़ने और एक नया राजनीतिक संगठन ‘वी द लीडर्स’ शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह संगठन तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगा.
एक वीडियो संदेश में अन्नामलाई ने कहा कि उनका यह फैसला उस मिशन को आगे बढ़ाने की इच्छा से प्रेरित है, जिसने उन्हें शुरू में सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया था. उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन अब उन्होंने एक अलग राजनीतिक रास्ता चुना है. उन्होंने इशारा किया कि भाजपा के साथ उनके मतभेद पिछले 18 महीने से चल रहे हैं. अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि वह पहली बार कब भाजपा से अलग होने के लिए संपर्क साधा था. अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने दिसंबर 2025 में पार्टी छोड़ने के अपने इरादे के बारे में भाजपा नेतृत्व को सूचित कर दिया था.
अन्नामलाई के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि वे औपचारिक रूप से पद छोड़ने से पहले तमिलनाडु चुनाव तक पार्टी के साथ बने रहें. अन्नामलाई ने कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं से सलाह-मशविरा किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए अन्नामलाई ने बताया कि पिछले 18 महीनों में कई मुद्दों पर भाजपा के साथ उनके मतभेद रहे हैं. उन्होंने अपनी पुरानी बात दोहराई कि भाजपा को 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अकेले लड़ना चाहिए था और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ गठबंधन को लेकर अपने मतभेदों की ओर इशारा किया.
अगला चुनाव लड़ेगा वी द लीडर्स: उन्होंने कहा कि वह पार्टी के लिए कोई समस्या नहीं बनना चाहते थे और इसलिए उन्होंने आगे बढ़ने का फ़ैसला किया. ‘वी द लीडर्स’ के लॉन्च की घोषणा करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि वह और उनका नया संगठन राज्य में आगामी चुनाव लड़ेगा. अपनी राजनीतिक यात्रा को अकेले लड़ी जाने वाली लड़ाई बताते हुए उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु की पहचान और आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए अपने लिए एक नया रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
कैसी होगी अन्नामलाई की राजनीति: पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि वह आम लोगों के साथ चलना चाहते हैं और जन-कल्याण पर केंद्रित राजनीति पर ध्यान देना चाहते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रीय पार्टियां अक्सर तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं और अपेक्षाओं को पूरी तरह से समझने में विफल रहती हैं. अन्नामलाई ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर भी तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि राजनीति को किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी दावा किया कि सुपरस्टार रजनीकांत सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उनसे राजनीतिक रूप से उनके साथ जुड़ने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने अपना रास्ता खुद चुनने का फैसला किया.
बीते दिनों ही दिया था इस्तीफा : गौरतलब है कि अन्नामलाई ने बीते दिनों बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इस साल होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले अन्नामलाई ने राज्य में AIADMK के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन करने के बीजेपी के कदम के कारण पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया था.
कौन हैं अन्नामलाई? अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं. उन्होंने राजनीति में आने से पहले 2019 में भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वह 2020 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुए और तेजी से आगे बढ़े. एक साल के भीतर उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिससे वह पार्टी के सबसे युवा राज्य प्रमुखों में से एक और राज्य में पार्टी के विस्तार प्रयासों का एक प्रमुख चेहरा बन गए.
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