दरअसल, पिसावा थाना क्षेत्र के कुतूबनगर की रहने वाली महिला पूजा मिश्रा का विवाह ललित मिश्रा के साथ हुआ था। ललित गाजियाबाद में रहकर मजदूरी करता है। ललित ने अपने काम में हाथ बटाने के लिए आलोक को बुलवाया था। ललित और पूजा के दो बच्चे भी हैं। इसी बीच आलोक का अपनी मामी के साथ प्रेम संबंध हो गया। जब ललित को अपनी पत्नी और भांजे के प्रेम संबंध की बात का पता चला, तो उसने आलोक को वहां से भगा दिया। इसके बाद पूजा भी अपने बच्चों को छोड़ कर आलोक के साथ बरेली चली गई, जहां वे करीब सात महीने तक साथ रहे।
आलोक बरेली में ऑटो चलाता था। कुछ महीनों तक दोनों के बीच मधुर संबंध रहे, लेकिन उसके बाद से दोनों को बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होना शुरू हो गया। विवाद के चलते आलोक पूजा को छोड़कर अपने पैतृक गांव सीतापुर के पिसावा क्षेत्र के मढ़िया लौट आया। पूजा को जब पता चला कि आलोक उसे छोड़ना चाहता है, तो वह भी सीतापुर पहुंच गई और मामले को सुलझाने के लिए पूजा ने आलोक के खिलाफ चौकी में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया।
इसी मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने आलोक और पूजा को थाने पर बुलवाया था। सुलह समझौते की बात चली रही थी, इसी बीच आलोक ने पूजा को अपने साथ रखने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर पूजा ने चौकी के अंदर ही हाथ की नस काट ली। हाथ की नस काट लेने पर चौकी के पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस वालों ने आनन-फानन में पीड़ित पूजा को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। यहां पूजा की हालत को गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बता दें ललित, पूजा से करीब 15 साल छोटा है।