आगरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारत की इस शानदार जीत में आगरा की बेटी और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने गेंद से अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फाइनल मुकाबले में 4 ओवर में महज 19 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
भारत की जीत के बाद आगरा स्थित दीप्ति शर्मा के घर और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्यों और मोहल्ले के लोगों ने एक साथ बैठकर मैच देखा और भारत की जीत के बाद मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इस दौरान लोगों ने ‘इंडिया-इंडिया’ के नारे लगाए और दीप्ति की शानदार उपलब्धि पर गर्व जताया।
फाइनल में बल्ले से नहीं चलीं, गेंद से कर दिया कमाल
फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को जबरदस्त शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी हुई। शेफाली ने 68 और स्मृति ने 59 रन की पारी खेली।
भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। दीप्ति शर्मा बल्लेबाजी में केवल 5 रन बना सकीं और रन आउट हो गईं। हालांकि इसके बाद गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका के तीन अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की पूरी टीम 19.6 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटककर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

पूरे टूर्नामेंट में दीप्ति का दबदबा
दीप्ति शर्मा का पूरे एशिया कप में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 14 विकेट हासिल किए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं। पांच मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी की इकोनॉमी 3.84 रही। श्री चरणी 12 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
दीप्ति के भाई और कोच सुमित शर्मा ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। फाइनल में तीन विकेट लेने के साथ उन्होंने अन्य मुकाबलों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। परिवार का कहना है कि दीप्ति ने आगरा के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है।
मां ने जीत पर जताई खुशी
भारत की जीत के बाद दीप्ति की मां सुशीला शर्मा ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और पूरी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। परिवार के लोगों ने फोन पर दीप्ति से बात कर उन्हें जीत की बधाई दी।
उन्होंने पाकिस्तान से जुड़े पुरस्कार समारोह के संदर्भ में अपनी नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि जब तक आतंकवाद का मुद्दा खत्म नहीं होता, तब तक पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से ट्रॉफी या किसी तरह का उपहार स्वीकार करना उन्हें उचित नहीं लगता।
भाई को देखकर क्रिकेट की ओर बढ़ा कदम
दीप्ति शर्मा की क्रिकेट यात्रा उनके बड़े भाई सुमित शर्मा से प्रेरित हुई। सुमित खुद क्रिकेट खेलते थे और नियमित रूप से स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस के लिए जाते थे। भाई को खेलते देखकर दीप्ति की भी क्रिकेट में रुचि बढ़ने लगी।
शुरुआत में वह घर पर ही भाई से क्रिकेट की बारीकियां सीखती थीं। बाद में वह जिद करके भाई के साथ स्टेडियम जाने लगीं। उस समय उन्हें मैदान में खेलने का मौका नहीं मिलता था, इसलिए वह घंटों किनारे बैठकर खिलाड़ियों की नेट प्रैक्टिस देखा करती थीं।
50 मीटर दूर स्टंप पर सटीक थ्रो ने बदली जिंदगी
दीप्ति के क्रिकेट करियर में एक खास मोड़ उस समय आया, जब वह अपने भाई के साथ आगरा की एक क्रिकेट एकेडमी पहुंची थीं। प्रैक्टिस के दौरान एक गेंद उनके पास आकर गिरी। दीप्ति ने गेंद उठाकर करीब 50 मीटर दूर रखे स्टंप की ओर थ्रो किया।
गेंद सीधे स्टंप पर जा लगी। इस घटना को वहां मौजूद पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर और चयनकर्ता हेमलता काला ने देखा। उन्होंने दीप्ति की प्रतिभा को पहचाना और आगे बढ़ने का मौका दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूपी पुलिस में डीएसपी पद से भी सम्मानित
क्रिकेट में शानदार उपलब्धियों के बाद दीप्ति शर्मा को उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद की जिम्मेदारी भी मिली। एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनका योगदान रहा है। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
दीप्ति की लगातार सफलता ने उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल किया है। एशिया कप के फाइनल में उनकी शानदार गेंदबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में वह टीम के लिए कितनी महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।
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