आगरा। चंबल नदी में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सवारियों से भरी मोटर बोट अचानक तेज बहाव में बहने लगी। इस दौरान बोट में सवार 100 से अधिक यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार यह मोटर बोट मध्यप्रदेश के नगरा से आगरा के कैंजराघाट की ओर जा रही थी। सुबह करीब 10 बजे अचानक बोट का इंजन बीच नदी में बंद हो गया, जिसके बाद वह तेज धारा के साथ बहने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंजन में डीजल खत्म हो जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
तेज बहाव के बीच बोट के अनियंत्रित होने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घबराकर एक-दूसरे को पकड़कर बैठ गए, जबकि कुछ ने मदद के लिए आवाजें लगानी शुरू कर दीं। नदी के बीचों-बीच फंसी बोट को लेकर कुछ देर तक स्थिति बेहद गंभीर बनी रही।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की तत्परता के चलते कुछ समय बाद मोटर बोट को मध्यप्रदेश के कनेरा क्षेत्र के पास सुरक्षित रूप से रोक लिया गया। इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही बासौनी और खेड़ा राठौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ भी कैंजराघाट पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
गनीमत रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने चंबल नदी में चलने वाली नावों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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