नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात नहीं कर पाने की वजह स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि विपक्ष की ओर से भेजे गए पत्र का जवाब उसी रात दे दिया गया था। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी नागरिकों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए खुले हैं। यदि किसी को अपनी शिकायत या अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा मामला उठाना है, तो वह नियमानुसार याचिका दाखिल कर सकता है।
दरअसल, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, CJI ने व्यक्तिगत मुलाकात के बजाय न्यायिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।
विपक्ष को मुलाकात के बजाय याचिका दाखिल करने की सलाह
CJI सूर्यकांत ने अपने जवाब में बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। संवैधानिक व्यवस्था के तहत अदालत प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की शिकायतों पर सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने विपक्ष को यह भी बताया कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। याचिका दाखिल होने पर मामले को नियमानुसार सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी
CJI से मुलाकात नहीं हो पाने के बावजूद विपक्षी दलों ने अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इस मार्च को ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मार्च में युवा, विपक्षी दल, नागरिक संगठन और संविधान व लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग शामिल होंगे। उनके मुताबिक, यह पहल पार्टी, जाति, लिंग, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में की जा रही है।
राष्ट्रपति को भी सौंपा गया था ज्ञापन
इससे पहले INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं सामने रखी थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए युवाओं के आंदोलनों के दौरान पुलिस की तैनाती और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर सवाल उठाए थे। विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही चाहता है।
फिलहाल, CJI सूर्यकांत के रुख से स्पष्ट है कि विपक्ष अपनी मांगों और शिकायतों को अदालत के समक्ष रखने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल कर सकता है।
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