बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के पति और मशहूर कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. श्रीराम नेने ने अपनी पहली हेल्थ बुक ‘21 डेज टू गुड हेल्थ’ लॉन्च की है। 10 अक्टूबर को लॉन्च हुई इस किताब में उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित खानपान, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद और तनाव से दूर रहने के तरीके बताए हैं। डॉ. नेने ने अपनी फिटनेस से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने करीब 21 किलो वजन कम किया है और अपनी दिनचर्या में कई अच्छे बदलाव किए हैं।
अच्छी आदतों से बेहतर हो सकती है सेहत
डॉ. श्रीराम नेने के मुताबिक, स्वस्थ रहने के लिए बीमारी का इंतजार करने के बजाय पहले से ही अपनी जीवनशैली में सुधार करना जरूरी है। एक हार्ट सर्जन के रूप में उन्होंने कई ऐसे मरीजों को देखा है, जिनकी सेहत पर वर्षों की खराब आदतों का असर पड़ा। इसी अनुभव ने उन्हें लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और आसान आदतों के जरिए जीवनशैली सुधारने के लिए प्रेरित किया।
उनकी किताब में सेहत के पांच प्रमुख आधार बताए गए हैं। इनमें संतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण और सकारात्मक सोच के साथ सामाजिक जुड़ाव शामिल हैं। उनका मानना है कि इन आदतों को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है।
नई आदतें अपनाने के लिए लगातार प्रयास जरूरी
डॉ. नेने ने बताया कि 21 दिन में बदलाव की शुरुआत की जा सकती है, लेकिन किसी नई आदत को पूरी तरह जीवन का हिस्सा बनाने में इससे अधिक समय भी लग सकता है। इसके लिए निरंतर अभ्यास और अपनी प्रगति का आकलन करना जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि लोग हर दिन थोड़ा-थोड़ा बदलाव करें। सातवें, 14वें और 21वें दिन अपनी प्रगति पर नजर डालें। एक साथ सब कुछ बदलने के बजाय छोटे लक्ष्य बनाना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
माधुरी दीक्षित की फिटनेस का राज है अनुशासन और डांस
माधुरी दीक्षित की फिटनेस के बारे में बात करते हुए डॉ. नेने ने बताया कि वह अपनी सेहत को लेकर काफी अनुशासित हैं। उन्हें माधुरी की डांस करने की आदत सबसे ज्यादा पसंद है। डांस उनके लिए केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि खुशी और लोगों से जुड़ने का एक माध्यम भी है।
डॉ. नेने के अनुसार, ऐसी एक्सरसाइज चुनना बेहतर है, जिसका आनंद लिया जा सके। इससे नियमित रूप से सक्रिय रहना आसान हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि माधुरी खानपान को लेकर अनुशासित रहती हैं और कभी-कभी पसंदीदा खाना खाने के दौरान भी उसकी मात्रा का ध्यान रखती हैं।
खानपान के साथ दिनभर सक्रिय रहना भी जरूरी
डॉ. नेने ने बदलती जीवनशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि आज लोगों के खानपान में अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ी है, जबकि शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। केवल एक घंटे जिम में कसरत करना पर्याप्त नहीं है, अगर बाकी समय लगातार बैठे हुए बिताया जाए।
उन्होंने सलाह दी कि लोग दिनभर सक्रिय रहने की कोशिश करें और अपने खानपान पर भी ध्यान दें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना और मानसिक तनाव को नियंत्रित करना भी अच्छी सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया की हर हेल्थ टिप पर न करें भरोसा
डॉ. नेने ने स्वास्थ्य से जुड़ी ऑनलाइन जानकारियों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर कई लोग बिना पर्याप्त विशेषज्ञता या वैज्ञानिक प्रमाणों के स्वास्थ्य संबंधी दावे करते हैं।
ऐसी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत और संबंधित शोध की विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी बिना सत्यापन के सही नहीं मानना चाहिए।
फोन से दूरी और अच्छी नींद भी सेहत का हिस्सा
डॉ. नेने ने बताया कि फोन, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से हमारी दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। उन्होंने परिवार के साथ समय बिताते समय फोन दूर रखने और कुछ समय डिजिटल माध्यमों से दूरी बनाने की सलाह दी।
उनके अनुसार, अच्छी नींद से शरीर को आराम मिलता है और मानसिक स्थिति बेहतर रहती है। खासकर परिवार और दंपतियों के लिए पर्याप्त नींद महत्वपूर्ण है, क्योंकि थकान और चिड़चिड़ापन रिश्तों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
ढाई साल से वीगन डाइट अपना रहे हैं डॉ. नेने
अपनी जीवनशैली के बारे में बताते हुए डॉ. नेने ने कहा कि वह खाने के शौकीन हैं, लेकिन समय के साथ उन्होंने खानपान को लेकर बेहतर विकल्प चुनना सीखा। उन्होंने बताया कि वह करीब ढाई साल पहले वीगन बन गए थे।
उन्होंने अपनी फिटनेस के बारे में बताया कि वह सप्ताह में छह दिन वर्कआउट करते हैं, कैलोरी की मात्रा पर ध्यान देते हैं और करीब 21 किलो वजन कम कर चुके हैं। हालांकि, उनके मुताबिक केवल एब्स बनाना या शरीर का वजन कम करना ही अच्छी सेहत का पैमाना नहीं है।
फिटनेस का मतलब सिर्फ वजन कम करना नहीं
डॉ. नेने ने कहा कि शरीर की वास्तविक फिटनेस का आकलन करने के लिए ताकत, संतुलन, लचीलापन और चलने-फिरने की क्षमता पर भी ध्यान देना चाहिए। सीढ़ियां चढ़ पाना, दौड़ने की क्षमता और शरीर का संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे लंबी उम्र के साथ स्वस्थ जीवन जीने पर ध्यान दें। दिल की सेहत, शारीरिक क्षमता और अच्छी जीवनशैली को बनाए रखना उम्र बढ़ने के साथ और भी जरूरी हो जाता है।
किताब का मुख्य संदेश: आज से करें शुरुआत
डॉ. श्रीराम नेने की किताब का उद्देश्य लोगों को छोटे-छोटे बदलावों के जरिए अपनी सेहत की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करना है। उनका मानना है कि 21 दिन अच्छे स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम हो सकते हैं, लेकिन इन आदतों को लंबे समय तक बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने दिल की बीमारियों और डायबिटीज जैसी समस्याओं के बढ़ते बोझ के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। उनका संदेश है कि सेहत को बीमारी आने के बाद सुधारने के बजाय पहले से प्राथमिकता दें और अपनी जरूरतों के अनुसार स्वस्थ आदतें अपनाएं।
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