पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने और ₹50 हजार का चालान काटे जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया कि मान को एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रोका गया। पार्टी ने इस मामले में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने और पंजाब के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं।
AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सामान की जांच और उसे गाड़ी में लोड करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालान जारी किया गया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान ऊपर से दबाव होने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने की पुष्टि नहीं है।
केंद्र सरकार पर AAP ने लगाए आरोप
दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह दशहरे पर रावण का घमंड खत्म हुआ, उसी तरह केंद्र सरकार का अहंकार भी टूटना चाहिए।
AAP नेताओं ने इस घटना को मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति से जुड़े विवाद के साथ जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने गए थे मान
भगवंत मान 17 से 21 अक्टूबर 2026 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार प्रदर्शनी SIAL Paris 2026 में शामिल होने गए थे। पंजाब सरकार का कहना था कि इस दौरे का उद्देश्य राज्य के कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाना तथा निवेश के अवसर बढ़ाना था।
AAP नेता बलतेज पन्नू ने यह भी आरोप लगाया कि पेरिस में भारतीय काउंसल जनरल मुख्यमंत्री से मिलने नहीं पहुंचे, जबकि पंजाब सरकार के अनुसार इस दौरे का उद्देश्य राज्य के व्यावसायिक हितों को आगे बढ़ाना था।
हाईकोर्ट से मिली थी फ्रांस जाने की अनुमति
पंजाब सरकार के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे को मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया।
पंजाब सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि यह दौरा राजनीतिक गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि राज्य के कृषि और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने के लिए था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी थी।
पंजाब के विकास और फंड को लेकर भी उठाए सवाल
AAP ने केंद्र सरकार पर पंजाब के विकास से जुड़े फंड रोकने और राज्य के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। पार्टी नेताओं ने किसानों के आंदोलन और मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति से जुड़े पुराने विवादों का जिक्र करते हुए केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए।
फिलहाल, एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोके जाने और ₹50 हजार का चालान काटे जाने से संबंधित विवरण AAP के दावों पर आधारित हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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