महोबा। जनपद महोबा की विभिन्न तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कुलपहाड़ तहसील में जिलाधिकारी प्रभाष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान कुलपहाड़, महोबा और चरखारी तहसीलों में कुल 131 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
कुलपहाड़ तहसील में जिलाधिकारी प्रभाष कुमार, पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुखबीर सिंह और उपजिलाधिकारी आदेश सिंह सागर ने लोगों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 70 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 12 का तत्काल निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किसानों को डिजिटल खतौनी भी वितरित की।
वहीं, तहसील महोबा में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व इंद्र नंदन सिंह की अध्यक्षता तथा उपजिलाधिकारी शिवध्यान पांडे की उपस्थिति में जनसमस्याओं की सुनवाई हुई। यहां प्राप्त 15 शिकायतों में से तीन का मौके पर समाधान किया गया। तहसील चरखारी में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे की अध्यक्षता और उपजिलाधिकारी अवनीश कुमार तिवारी की उपस्थिति में आयोजित समाधान दिवस में 46 शिकायतें आईं, जिनमें से दो का मौके पर निस्तारण किया गया।
शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर हो
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत को निस्तारित करने से पहले संबंधित शिकायतकर्ता से बातचीत कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो शिकायत को निस्तारित नहीं माना जाएगा।
उन्होंने आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने कहा कि इन शिकायतों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से फीडबैक लिया जाता है। इसलिए अधिकारी प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और केवल कागजी कार्रवाई करने के बजाय धरातल पर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
फर्जी निस्तारण मिलने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि किसी मामले में फर्जी निस्तारण पाया गया, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायतकर्ता जिला मुख्यालय या तहसील में पहले ही शिकायत कर चुका है, तो उसकी समस्या का हर हाल में समाधान किया जाए। एक ही शिकायत तीसरी बार आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के गांवों में भ्रमण के दौरान डुग्गी पिटवाकर ग्रामीणों को सूचना दें, उनकी समस्याएं सुनें और उनका समाधान कराएं। यदि कोई समस्या उनके स्तर से हल नहीं हो सकती, तो तत्काल उपजिलाधिकारी को अवगत कराएं।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने कुलपहाड़ तहसील परिसर में पौधारोपण भी किया। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता बरतते हुए आम लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत दिलाई जाए।
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