संवाददाता: सैयद समीर हुसैन
ठाणे | ठाणे महानगरपालिका के समाज विकास विभाग के समक्ष दिव्यांगों के अधिकारों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को लेकर विस्तृत निवेदन प्रस्तुत किया गया। यह निवेदन उपायुक्त (समाज विकास) श्रीमती अनघा कदम और समाज विकास अधिकारी श्री दशरथ वाघमारे को सौंपा गया, जिसमें मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
निवेदन में आरोप लगाया गया है कि दिव्यांगों के लिए निर्धारित ₹1.60 करोड़ की निधि के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। आरोपों के अनुसार: दिव्यांग समन्वय समिति को नज़र अंदाज़ किया गया कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव रहा सूचना के अधिकार (आर टी आई) के तहत जानकारी देने में टालमटोल की गई
संबंधित ठेके और संस्थाओं में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई प्रमुख मांगें निवेदन में प्रशासन से निम्न मांगें की गई हैं:स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए निधि के उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई हो दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए आंदोलन की चेतावनी निवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 7 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी जन आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। निवेदन सौंपते समय कई सामाजिक कार्यकर्ता और दिव्यांगजन उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मोहम्मद यूसुफ मोहम्मद फारूक खान, नूरजहान सुलतान खान, अब्दुल रहमान शेख, मेहबूब हुसैन लाडे, साहेब शेख, मंगेश साळवी, राजेश माने, अशोक कुमार गुप्ता, साजिद शेख, अजय शर्मा सहित अन्य कई लोग शामिल थे। बयान मोहम्मद यूसुफ मोहम्मद फारूक खान ने कहा, “यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि दिव्यांगों के अधिकार और सम्मान का सवाल है। यदि हमें न्याय नहीं मिला, तो हम आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।” यह मामला अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जहां पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहम्मद यूसुफ खान ने कहा,यदि ये मामले की सही जांच कर 7 दिनों के अंदर कारवाही करनी होगी अन्यथा हम एक बड़ा जन आंदोलन करेंगे।
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