नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला गुरुवार को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेला जा रहा है। सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाए हुए भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से उतरी है, जबकि पहले मैच में हार झेलने वाली इंग्लैंड की टीम वापसी के लक्ष्य के साथ मैदान में है। मुकाबले की शुरुआत टॉस से हुई, जहां इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कार्डिफ की पिच पर शुरुआती नमी और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए यह फैसला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टॉस के बाद भारतीय टीम को एक बड़ा झटका तब लगा जब कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल अस्वस्थ होने के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल रहे हैं। उनकी जगह बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। गिल ने बताया कि यदि भारत टॉस जीतता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करता, लेकिन टीम पिछले मुकाबले के प्रदर्शन से आत्मविश्वास से भरी हुई है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
केएल राहुल का बाहर होना भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह मध्यक्रम में अनुभव के साथ-साथ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। हालांकि ईशान किशन को मौका मिलने से भारतीय बल्लेबाजी में आक्रामकता बढ़ने की उम्मीद है। ईशान तेज शुरुआत देने और मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं, ऐसे में टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
भारतीय टीम पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर सीरीज में बढ़त बना चुकी है। उस मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया था। शुभमन गिल ने बेहतरीन बल्लेबाजी की थी, जबकि अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान देकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। जसप्रीत बुमराह और अन्य गेंदबाजों ने भी मध्य ओवरों में लगातार विकेट लेकर इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने नहीं दिया था।
दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने भी अपनी टीम में बदलाव किए हैं। मेजबान टीम ने गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के उद्देश्य से अतिरिक्त तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। कप्तान हैरी ब्रूक का मानना है कि कार्डिफ की पिच पर शुरुआती ओवरों में सीम और स्विंग मिलने की संभावना है, जिसका फायदा उठाकर भारत के शीर्ष क्रम पर दबाव बनाया जा सकता है।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में एक बार फिर कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली पर सभी की निगाहें रहेंगी। पहले वनडे में शानदार शुरुआत के बाद भारत ने मैच पर पूरा नियंत्रण बना लिया था, जबकि इस मुकाबले में भी शीर्ष क्रम से बड़ी साझेदारी की उम्मीद की जा रही है। वहीं मध्यक्रम में ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे और अक्षर पटेल टीम को मजबूती देंगे। गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य गेंदबाजों पर रहेगी, जिनसे एक बार फिर शुरुआती सफलताओं की उम्मीद होगी।
दूसरी ओर इंग्लैंड के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा है। यदि मेजबान टीम यह मैच हारती है तो तीन मैचों की सीरीज भी उसके हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में बेन डकेट, जो रूट, जोस बटलर और कप्तान हैरी ब्रूक जैसे बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर, आदिल रशीद, गस एटकिंसन और साकिब महमूद भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की कोशिश करेंगे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि कार्डिफ की पिच पर शुरुआती 10 से 15 ओवर बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। यदि भारतीय शीर्ष क्रम इस दौर को सफलतापूर्वक निकाल लेता है तो टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकती है। वहीं इंग्लैंड की कोशिश शुरुआती विकेट लेकर भारतीय मध्यक्रम पर दबाव बनाने की होगी।
सीरीज के इस अहम मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया है। एक ओर भारत जीत के साथ सीरीज पर कब्जा जमाने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर वापसी कर सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने के इरादे से उतरा है। ऐसे में कार्डिफ का यह मुकाबला रोमांच, रणनीति और दोनों टीमों की प्रतिष्ठा की बड़ी परीक्षा साबित होने जा रहा है।
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