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“हिजाब विवाद : महबूबा मुफ्ती की बेटी के बयान से बवाल, नीतीश के समर्थन में गिरिराज की ताबड़तोड़ बैटिंग”

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से ‘हिजाब मामले’ पर कोई रिएक्शन नहीं आया। मगर, पिछले तीन दिन से ये मामला मीडिया में छाया हुआ है। नीतीश कुमार के सपोर्ट में और विरोध में लगातार बयानबाजी हो रही है। अब तो इंटरनेशनल स्टेटमेंट आने लगे हैं। इन सबके बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने एक अभिभावक की तरह काम किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पासपोर्ट या एयरपोर्ट की तरह नियुक्ति पत्र लेते समय चेहरा नहीं दिखना चाहिए? क्या ये कोई इस्लामिक देश है? उन्होंने इसे कानून का पालन बताया। दूसरी ओर, इल्तिजा मुफ्ती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह पर निशाना साधा और इसे मुस्लिम महिलाओं की गरिमा का अपमान बताया। वहीं, जीतन राम मांझी ने इसे एक ‘हादसा’ करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बेटी समझकर सहज भाव में ऐसा किया होगा, इसे धार्मिक रंग देना गलत है।

‘क्या यह कोई इस्लामिक देश है?’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित तौर पर एक महिला का हिजाब हटाने के वीडियो पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर कोई अपॉइंटमेंट लेटर लेने जा रहा है, तो क्या उसका चेहरा दिखना नहीं चाहिए? क्या यह कोई इस्लामिक देश है? नीतीश कुमार ने एक अभिभावक की भूमिका निभाई। जब आप पासपोर्ट बनवाने जाते हैं, तो क्या आप अपना चेहरा नहीं दिखाते? जब आप एयरपोर्ट जाते हैं, तो क्या आप वहां भी नहीं दिखाते? लोग पाकिस्तान और इंग्लैंड की बात करते हैं, यह भारत है, और यहां कानून का राज चलेगा। नीतीश कुमार ने सही किया।’गिरिराज सिंह के वीडियो को सोशल मीडिया एक्स पर टैग करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, ‘इस आदमी (गिरिराज सिंह) के गंदे मुंह को साफ करने के लिए सिर्फ फिनाइल ही काम आएगा। तुम हमारी मुस्लिम माताओं और बहनों के हिजाब और नकाब को छूने की हिम्मत मत करना। नहीं तो हम मुस्लिम औरतें तुम्हें ऐसा सबक सिखाएंगी जो तुम और तुम्हारे जैसे लोग जिंदगी भर याद रखोगे।’

मांझी ने भी किया नीतीश का बचाव

वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब हटाने पर कहा, ‘एक्सीडेंटली ऐसा हुआ होगा। बेटी समझकर उन्होंने ऐसी चीज की होगी कि काम करने जा रहे हो तो हिजाब लगाने की क्या जरूरत है। उनका इरादा खराब नहीं था। इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए।’

नीतीश से जुड़ा हिजाब विवाद क्या है?

दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हिजाब विवाद 15 दिसंबर 2024 को पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। मुख्यमंत्री आवास पर नवनियुक्त आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) बांटे जा रहे थे। जब डॉ नुसरत परवीन अपना नियुक्ति पत्र लेने मंच पर पहुंचीं, तो उन्होंने हिजाब (नकाब) पहन रखा था जिससे उनका चेहरा ढंका हुआ था। वीडियो में देखा गया कि नीतीश कुमार ने महिला डॉक्टर से पूछा, ‘यह क्या है?’ और फिर अचानक अपने हाथों से उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस दौरान पास खड़े डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखे, लेकिन तब तक नीतीश कुमार ने हिजाब हटा दिया था।

अब इस घटना को आरजेडी और कांग्रेस ने शर्मनाक और महिला की गरिमा का अपमान बताया। विपक्ष ने सीएम की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी नेताओं ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) का उल्लंघन बताया। सत्ता पक्ष और जीतन राम मांझी जैसे नेताओं का कहना है कि सीएम ने बेटी-बहू या पिता तुल्य भाव से सहजता में ऐसा किया और उनका इरादा अपमान करना नहीं था। ये मामला इतना बढ़ गया कि लखनऊ और हैदराबाद से भी रिएक्शन देखने को मिला और पाकिस्तान से भी इस पर प्रतिक्रियाएं आई हैं।

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