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अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: द्रौपदी मुर्मू ने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। राष्ट्रपति साढ़े 10 बजे दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम ने उनका स्वागत किया। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई 2024 को अयोध्या आई थीं, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।

वहीं समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में होना मेरे जीवन का कृतार्थ करने वाला पल है। मैं यहां पर आकर गौरवांवित हूं। राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हमें यह सौभाग्य का पल मिला है। राम मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा, मंदिर का ध्वजारोहण हमारे इतिहास की स्वर्णिम तिथियां हैं। मुझे श्रीराम यंत्र की स्थापना का अवसर मिला है। यह प्रभु श्रीराम की मेरे ऊपर कृपा का प्रतीक है। ऐसा मेरा मानना है। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर अब एक राष्ट्र मंदिर बन चुका है। ये हमारे लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह सौभाग्यशाली पल करोड़ों रामभक्तों के संघर्ष और बलिदान के कारण संभव हो सका है। आज अयोध्या वैश्चिक चेतना का केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज दुनिया भर में युद्ध चल रहे हैं पर हम लोग आज राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस आनंदमयी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यही तो रामराज्य की अनुभूति है इसलिए ही तो कहा जाता है कि हमारा भारत वर्ष साधु-संतों की भूमि है।

आज राम मंदिर हमारे युवाओं को हमारी संस्कृति से जोड़ रहा है। यही कारण है कि जब नववर्ष का शुभारंभ होता है तो युवा कहीं और नहीं जाकर मंदिर में दर्शन कर अपने नववर्ष का शुभारंभ करता है। उन्होंने कहा कि आज श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ ही प्रभु श्रीराम का मंदिर परिपूर्ण हो गया। राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। राममंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद आयोजित कार्यक्रम में हजारों रामभक्तों को संबोधित करते हुए श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि इसके साथ ही 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हो गया है। कार्यक्रम में राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें वो लोग भी शामिल रहे जो 1984 से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए थे।

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