भारतीय तटरक्षक बल (ICG) को एक और बड़ी ताकत मिली है. न्यू-जेनरेशन आदम्य क्लास फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) अमूल्य को शुक्रवार को गोवा में औपचारिक रूप से कमीशन किया गया. यह इस श्रेणी का तीसरा जहाज है. सुरक्षा के लिहाज से अमूल्य को 30 मिमी CRN-91 गन और दो 12.7 मिमी रिमोट कंट्रोल गन से लैस किया गया है. इसके अलावा इसमें आधुनिक फायर कंट्रोल और टारगेट एक्विज़िशन सिस्टम लगे हैं.‘अमूल्य’, जिसका अर्थ है अनमोल, समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने के लिए भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. जहाज में इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, मशीनरी कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम भी मौजूद हैं, जिससे ऑपरेशनल क्षमता और स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ती है. वहीं शुक्रवार को कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद, तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधि और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के अधिकारी मौजूद रहे.
51 मीटर लंबा यह फास्ट पेट्रोल वेसल गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण लगे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देता है. यह जहाज तेज प्रतिक्रिया, बेहतर सहनशक्ति और उच्च दक्षता के आधुनिक डिजाइन पर आधारित है. जहाज में लगे दो 3000 किलोवाट डीजल इंजन इसे 27 नॉट्स की अधिकतम गति और 1500 नॉटिकल मील की परिचालन क्षमता प्रदान करते हैं. स्वदेशी कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर और अत्याधुनिक गियरबॉक्स इसे समुद्र में बेहतरीन नियंत्रण और फुर्ती देते हैं.भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ‘अमूल्य’ को ओडिशा के पारादीप में तैनात किया जाएगा. यह जहाज निगरानी, अवरोधन, खोज एवं बचाव (SAR), तस्करी विरोधी अभियान और समुद्री प्रदूषण से निपटने जैसे अहम मिशनों को अंजाम देगा, जिससे भारत के पूर्वी समुद्री तट की सुरक्षा और मजबूत होगी.इस जहाज की कमान कमांडेंट (JG) अनुपम सिंह के पास है और इसमें 5 अधिकारी और 34 कर्मचारी तैनात हैं. ‘अमूल्य’ का कमीशन होना तटरक्षक बल के बेड़े के विस्तार की दिशा में एक और अहम कदम है, जो देश की तटीय सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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