न्यूज़ वाणी संवाददाता, बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक ई-रिक्शा चालक के साथ कथित मारपीट और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पीड़ित ने दबंगों पर मारपीट कर रुपये छीनने और ई-रिक्शा चलाने के बदले हर महीने रकम देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई से असंतुष्ट होकर जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद समर्थकों के साथ कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
पीड़ित लालाभैया, निवासी छावनी डेरा, के अनुसार 24 अक्टूबर को कुछ लोगों ने उनका ई-रिक्शा रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज और लात-घूंसों से मारपीट की गई तथा ₹9,000 छीन लिए गए। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने ई-रिक्शा चलाने के एवज में हर महीने ₹10,000 देने की धमकी दी।
पुलिस चौकी और कोतवाली में सुनवाई न होने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दरोगा ने उनसे कान पकड़कर उठक-बैठक भी कराई। इसके बाद कोतवाली पहुंचने पर भी उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें वापस भेज दिया गया।
न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे मंत्री
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद स्थानीय नेताओं और समर्थकों के साथ कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए। मंत्री ने कहा कि गरीबों के साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों और यदि पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा रोकने को लेकर विवाद हुआ था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही, पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। अब मामले में आगे की जांच और आरोपों की पुष्टि के आधार पर कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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