- निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार ही जनता और प्रशासन के बीच बनता है मजबूत सेतु
- स्थानीय पत्रकारिता से ही उजागर होती हैं आमजन की समस्याएं और विकास की सच्चाई
संजीव शर्मा।
इटावा लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है, क्योंकि यही वह माध्यम है जो जनता की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करता है। पत्रकारिता केवल समाचार लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज का दर्पण भी है, जो सच्चाई को निष्पक्ष रूप से सामने लाने का कार्य करती है। एक सच्चा पत्रकार हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखता है और बिना किसी दबाव या भय के अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है। आज के आधुनिक युग में जहां तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, वहीं पत्रकारिता की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, लेकिन सही और सटीक जानकारी देना आज भी एक जिम्मेदार पत्रकार का सबसे बड़ा धर्म है। गलत और भ्रामक खबरें समाज में भ्रम और असंतोष पैदा कर सकती हैं, इसलिए पत्रकारिता में सत्यता, निष्पक्षता और प्रमाणिकता का होना अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की समस्याएं, विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति, आम जनता की परेशानियां और उनकी आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य स्थानीय पत्रकार ही करते हैं। इटावा जैसे जनपदों में पत्रकारिता ने हमेशा समाज के हित में कार्य किया है और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनके समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है, जो हर गतिविधि पर नजर रखता है। जब कहीं अन्याय होता है, भ्रष्टाचार होता है या जनता के अधिकारों का हनन होता है, तब पत्रकार ही उसे उजागर करता है। इसके साथ ही पत्रकार सकारात्मक समाचारों के माध्यम से समाज में जागरूकता और प्रेरणा भी फैलाता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि पत्रकारिता अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहे और जनहित, सत्य और निष्पक्षता को अपना लक्ष्य बनाए रखे। एक मजबूत और ईमानदार पत्रकारिता ही एक मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण कर सकती है।
News Wani
