कानपुर। शहर में बारिश के बाद सड़कों की हालत कई जगह खराब हो गई है। सर्किट हाउस से जुड़े चार प्रमुख मार्गों की पड़ताल में 300 से ज्यादा छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई दिए। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ी हुई मिली, जबकि कुछ गड्ढों में बारिश का पानी, मिट्टी और बजरी जमा थी। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ ई-रिक्शा, ऑटो और कार सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कैंट के गोलाघाट क्षेत्र से लेकर पनचक्की, जाजमऊ और आसपास के मार्गों पर जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त नजर आई। वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक रफ्तार कम करते और दिशा बदलते दिखाई दिए। व्यस्त सड़कों पर यह स्थिति दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रही है।
चार प्रमुख मार्गों पर सड़क की स्थिति खराब
सर्किट हाउस आने-जाने वाले प्रमुख रास्तों में गोलाघाट क्षेत्र, गोला घाट फ्लाइओवर की सर्विस लेन, झाड़ी बाबा पड़ाव से पनचक्की जाने वाली सड़क और पनचक्की से जाजमऊ की ओर जाने वाले मार्ग पर कई जगह गड्ढे मिले।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के बाद इन गड्ढों की स्थिति और खराब हुई है। कुछ स्थानों पर पहले मिट्टी या अन्य सामग्री डालकर गड्ढों को भरने की कोशिश की गई थी, लेकिन बारिश के बाद सामग्री बह जाने से सड़क फिर उखड़ गई।
राहगीरों ने बताई रोज की परेशानी
स्थानीय निवासी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क पर लंबे समय से गड्ढों की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि इन रास्तों से रोज गुजरने वाले लोगों को हर दिन सावधानी से वाहन चलाना पड़ता है।
अखलास अहमद ने बताया कि खराब सड़कों के कारण राहगीरों को काफी दिक्कत होती है। उनका कहना है कि प्रशासन को मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर की अंदरूनी सड़कों की स्थिति का भी निरीक्षण करना चाहिए।
मुकेश कन्नौजिया के अनुसार, सड़कों की खराब हालत को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। उनका कहना है कि कई जगह सड़क से ज्यादा गड्ढे नजर आते हैं।
ई-रिक्शा चालकों के लिए बढ़ी मुश्किल
उन्नाव से रोज कानपुर आने वाले शिवम पाल ने बताया कि वह करीब सात महीने से इन रास्तों से गुजर रहे हैं और इस दौरान सड़क की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है।
ई-ऑटो चालक जुनैद के मुताबिक वह रोजाना इसी मार्ग पर कई चक्कर लगाते हैं। गहरे गड्ढों से ई-रिक्शा निकालना मुश्किल होता है और वाहन के असंतुलित होकर पलटने का खतरा भी बना रहता है।
बारिश के बाद मरम्मत का भरोसा
हाल ही में शहर में सड़कों की स्थिति को लेकर चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री एवं कानपुर प्रभारी योगेंद्र उपाध्याय ने कहा था कि जिन रास्तों से वह आए, वहां सड़कें ठीक मिलीं। उन्होंने यह भी कहा था कि बारिश का असर शहरों की सड़कों पर पड़ता है और बारिश समाप्त होने के बाद खराब सड़कों को दुरुस्त कराया जाता है।
वहीं, स्थानीय मार्गों की मौजूदा स्थिति में जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने के बाद लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द सर्वे कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए। खासकर उन स्थानों पर प्राथमिकता से काम करने की जरूरत बताई जा रही है, जहां पानी भरने और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।
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