कानपुर। उन्नाव और कानपुर को जोड़ने वाले जाजमऊ के पुराने गंगा पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। पुल की खराब स्थिति को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके सभी 19 पिलरों की मरम्मत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल पुल पर बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पुल पर मरम्मत के लिए पाड़ बांधने का काम शुरू किया गया। इसी दौरान रस्सा खींचते समय पुल की एक रेलिंग टूट गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए काम रोकना पड़ा। घटना के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाली और दोबारा काम शुरू किया।
19 पिलरों की होगी मरम्मत
जाजमऊ का पुराना गंगा पुल कुल 19 पिलरों पर बना हुआ है। लंबे समय से पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब एनएचएआई ने सभी पिलरों की मरम्मत कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, मरम्मत का काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है। 10 पिलरों की मरम्मत की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी गई है, जबकि शेष नौ पिलरों पर दूसरी टीम काम करेगी। पूरी प्रक्रिया में कई विशेषज्ञ कंपनियां मिलकर काम करेंगी।
16 सितंबर से बढ़ेगी काम की रफ्तार
मंगलवार से पुल पर पाड़ और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तैयार करने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि 16 सितंबर से मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाएगी, ताकि पुल को जल्द से जल्द सुरक्षित और उपयोग योग्य बनाया जा सके।
पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत के दौरान एक समय में एक लेन पर काम किया जाएगा। दूसरी लेन से यातायात को नियंत्रित तरीके से गुजारा जाएगा। इससे छोटे वाहनों और आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते
मरम्मत कार्य के दौरान बड़े और भारी वाहनों के पुल से गुजरने पर प्रतिबंध जारी रहेगा। ऐसे वाहनों को कानपुर और उन्नाव के बीच आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के दौरान यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काम कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और पुल की संरचनात्मक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
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