कानपुर। शहर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पुलिस के सामने कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में हत्या की कथित साजिश, आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और घटना को अलग रूप देने की कोशिश से जुड़े डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि कारोबारी की हत्या से पहले आरोपी बहू शालू के मोबाइल से हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने के तरीके से संबंधित इंटरनेट सर्च की गई थी। हालांकि, पुलिस इस सर्च की सटीक तारीख, समय और संख्या समेत अन्य डिजिटल तथ्यों की जांच कर रही है।
सात मोबाइल नंबरों का खंगाला गया रिकॉर्ड
जांच टीम ने आरोपी शालू, उसके पति सुब्रत और हत्याकांड में गिरफ्तार विशाल समेत आरोपियों से जुड़े सात मोबाइल नंबरों का करीब 1,000 पन्नों का कॉल डेटा रिकॉर्ड खंगाला है। इसमें 1 मई से 6 सितंबर तक की कॉल और संपर्क से संबंधित जानकारी शामिल है।
पुलिस का कहना है कि सीडीआर के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या से पहले आरोपियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई और वारदात के बाद किस-किस व्यक्ति से संपर्क किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को कई बार फोन किया। वह कथित तौर पर ऊबर कैब से उसके ठिकाने तक पहुंचा था। पुलिस कैब के रूट, चालक के बयान और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
जेल में शालू और विशाल से पूछे गए कई सवाल
कारोबारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार शालू और विशाल से जेल में पूछताछ की गई। जांच अधिकारी ने दोनों से हत्या की कथित योजना, एक-दूसरे से संपर्क, घटना वाले दिन की गतिविधियों और वारदात के बाद उठाए गए कदमों को लेकर 30 से अधिक सवाल पूछे।
पूछताछ में विशाल ने कथित तौर पर दावा किया कि उसने शालू के कहने पर हत्या की। उसके अनुसार, उसे हत्या के बदले छह लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। इसमें पहले दो लाख रुपये और बाद में चार लाख रुपये देने की बात कही गई थी। पुलिस अब इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है।
वहीं, शालू ने पूछताछ के दौरान हत्या में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए विशाल के आरोपों को गलत बताया है।
हत्या वाले दिन कई बार हुआ संपर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या वाले दिन शालू और विशाल के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इसी तरह सुब्रत और विशाल के बीच भी लंबे समय से लगातार संपर्क रहने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 1 मई से 5 सितंबर तक सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत हुई। खास बात यह है कि विशाल को कारोबारी ने कथित तौर पर चोरी के आरोप के बाद नौकरी से हटा दिया था। इसके बावजूद उसका सुब्रत के संपर्क में बने रहना जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।
पुलिस अब इन बातचीत की टाइमिंग और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का घटनाक्रम से मिलान कर रही है।
हत्या से पहले बदला गया मोबाइल सिम
जांच में यह भी पता चला है कि विशाल के पास दो सिम थे। पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब दो दिन पहले उसने अपना पुराना सिम बंद कर नया नंबर इस्तेमाल करना शुरू किया था।
पुलिस इस नए नंबर से हुई बातचीत की भी जांच कर रही है। हत्या वाले दिन सुब्रत और शालू की विशाल से हुई बातचीत को लेकर भी जांच टीम ने कई सवाल उठाए हैं।
बेटे सुब्रत की भूमिका पर भी नजर
मामले में कारोबारी के बेटे सुब्रत से भी पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि विशाल से लंबे समय तक संपर्क में रहने की वजह क्या थी और हत्या से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत का घटनाक्रम से कोई संबंध था या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, अभी तक सुब्रत की भूमिका को लेकर जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों तथा आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। आगे की पूछताछ में आरोपियों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है।
करोड़ों की संपत्ति और वसीयत भी जांच में शामिल
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर दवा का कारोबार करते थे। उनकी फर्म का सालाना कारोबार करोड़ों रुपये में बताया गया है। पुलिस अब हत्या के पीछे व्यक्तिगत विवाद के साथ-साथ संपत्ति और आर्थिक लाभ से जुड़े संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, कारोबारी ने वर्ष 2022 में अपनी संपत्ति को लेकर वसीयत तैयार की थी। इसमें पत्नी, बेटे और बेटी के नाम संपत्ति से जुड़े प्रावधान बताए जा रहे हैं। इसी कारण पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वसीयत और संपत्ति का विवाद हत्याकांड से किसी तरह जुड़ा था या नहीं।
पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल
जांच टीम फिलहाल कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है—
- हत्या से पहले इंटरनेट पर की गई संदिग्ध सर्च कब और कितनी बार हुई?
- मोबाइल में सर्च से जुड़ी कोई सामग्री सेव या डाउनलोड की गई थी या नहीं?
- सुब्रत और विशाल के बीच महीनों तक लगातार बातचीत क्यों होती रही?
- हत्या वाले दिन आरोपियों के बीच इतनी बार संपर्क क्यों हुआ?
- वारदात से पहले विशाल ने नया सिम क्यों इस्तेमाल करना शुरू किया?
- हत्या के बाद विशाल और उसके साथी के बीच हुई बातचीत में क्या जानकारी सामने आई?
- कारोबारी की वसीयत और संपत्ति का हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं?
फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों को एक साथ रखकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्याकांड की साजिश में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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