कानपूर। पुलिस चौकी में एक युवक को लेकर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब सपा विधायक और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई है। मामला बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
बताया जा रहा है कि अमन नाम के युवक को पुलिस ने किसी मामले में हिरासत में लिया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे। विधायक ने युवक की हिरासत को लेकर पुलिस से जानकारी मांगी और काफी देर तक अधिकारियों से बातचीत करते रहे।
विधायक करीब सात घंटे तक पुलिस चौकी में मौजूद रहे। इस दौरान उनके समर्थक भी चौकी के आसपास जुटे रहे। लंबी बातचीत और पूछताछ के बाद विधायक अमन को अपने साथ लेकर चौकी से बाहर निकले। युवक के बाहर आने के बाद समर्थकों में भी हलचल देखने को मिली।
भाजपा पक्ष ने लगाए आरोप
घटना के बाद भाजपा पक्ष की ओर से सपा विधायक और उनके समर्थकों पर सवाल उठाए गए। भाजपा नेताओं का कहना है कि जिस युवक को लेकर विवाद हुआ, उसे पहले पुलिस तक पहुंचाने में उनके ही नेता की भूमिका थी। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि बाद में राजनीतिक दबाव बनाकर युवक को छुड़ाने का प्रयास किया गया।
वहीं, सपा पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। सपा नेताओं का कहना है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
चौकी पर जुटी रही भीड़
विवाद की जानकारी मिलने के बाद पुलिस चौकी के आसपास समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर माहौल शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस की ओर से मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनाक्रम में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
राजनीतिक विवाद ने पकड़ा तूल
घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा और भाजपा समर्थक अपने-अपने पक्ष को सही बता रहे हैं। दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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