कानपुर। कानपुर-सागर हाईवे पर इन दिनों वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। कानपुर से हमीरपुर के बीच करीब 70 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जगह-जगह सड़क टूटने और बड़े-बड़े गड्ढे होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर गड्ढे करीब आधा फीट तक गहरे बताए जा रहे हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की रफ्तार कम हो गई है और सामान्य तौर पर करीब डेढ़ घंटे में पूरा होने वाला सफर अब ढाई घंटे तक पहुंच रहा है।
बारिश के बाद हाईवे की स्थिति और खराब हो गई है। कई हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य और सड़क खुदाई के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति ज्यादा जोखिम भरी बनी हुई है।
70 किलोमीटर के सफर में जगह-जगह गड्ढे
हमीरपुर के यमुना पुल से कानपुर के नौबस्ता तक हाईवे के करीब 70 किलोमीटर हिस्से में कई स्थानों पर सड़क खराब मिली। दुर्गा देवी मोड़, रामपुर गांव के किनारे और अनूपुर मोड़ के आसपास गड्ढों की संख्या अधिक है। हमीरामऊ में भी सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त है।
अज्योरी में बिहारेश्वर मंदिर के आसपास सड़क पर गड्ढे दिखाई देते हैं। सजेती से गुजेला के बीच कई हिस्सों में सड़क टूट चुकी है। घाटमपुर के मुख्य चौराहे से मां कूष्मांडा देवी मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहन चालकों को गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ पर करीब आधा फीट गहरा गड्ढा होने से वाहन चालकों को अचानक रफ्तार कम करनी पड़ती है। स्टेशन रोड मोड़ के पास भी कई गड्ढे मौजूद हैं। धरमपुर बंबा और रिंद नदी के आसपास सड़क की स्थिति खराब बताई जा रही है।
शंभूहा ओवरब्रिज और बिधनू में ज्यादा परेशानी
शंभूहा ओवरब्रिज पर 100 से अधिक गड्ढे होने की बात सामने आई है। कठेरुआ में करीब 500 मीटर हिस्से में सड़क खुदी हुई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
बिधनू नहर पुल से कस्बे तक कई जगह करीब आधा-आधा फीट गहरे गड्ढे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हिस्से में बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। मछरिया से नौबस्ता के बीच भी हाईवे के कई हिस्से खराब हालत में हैं।
अचानक ब्रेक लगाने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
हाईवे पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को कई बार अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। कुछ स्थानों पर गड्ढों से बचने के लिए चालक दूसरी लेन में जाने की कोशिश करते हैं। तेज रफ्तार वाहनों की मौजूदगी में इस तरह अचानक लेन बदलना दुर्घटना का कारण बन सकता है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए गहरे गड्ढे सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। बारिश के दौरान पानी भर जाने से कई बार गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
हाईवे पर 26 संवेदनशील स्थान चिन्हित
एनएचएआई की ओर से कानपुर-सागर हाईवे पर 26 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों को दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। सड़क की खराब स्थिति के चलते इन स्थानों पर खतरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर समय से मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उनका कहना है कि गड्ढों की तत्काल मरम्मत के साथ-साथ सड़क की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
विधायक ने अधिकारियों से जताई नाराजगी
घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने हाईवे की खराब स्थिति को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से सड़क पर बने गड्ढों को जल्द भरवाने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
एक सप्ताह में गड्ढामुक्त सड़क का दावा
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार बारिश के दौरान बिटुमिनस मैटेरियल से होने वाला मरम्मत कार्य प्रभावी तरीके से नहीं हो पाता। उनका कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही सड़क की मरम्मत तेज की जाएगी।
एनएचएआई ने दावा किया है कि आगामी एक सप्ताह के भीतर कानपुर-सागर हाईवे के खराब हिस्सों में गड्ढों को भरकर मार्ग को गड्ढामुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा। अब देखना होगा कि विभाग का यह दावा जमीन पर कितनी तेजी से अमल में आता है और वाहन चालकों को कब तक राहत मिलती है।
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