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कानपुर कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, नौकर से लगातार संपर्क में थी बहू; पुलिस जांच में चैट और कॉल डिटेल से सामने आई साजिश

कानपुर। शहर के चर्चित कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की बहू शालू और घरेलू नौकर विशाल के बीच करीब तीन महीने से लगातार बातचीत हो रही थी। जांच के दौरान विशाल के मोबाइल से दोनों के बीच हुई बातचीत और कॉल डिटेल सामने आई है। पुलिस अब डिलीट की गई चैट को भी रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले शालू ने विशाल को बातचीत के जरिए अपने भरोसे में लिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात वाले दिन दोनों के बीच करीब 40 बार फोन पर बातचीत हुई। इसके अलावा कारोबारी के बेटे सुब्रत और विशाल के बीच भी लंबे समय से संपर्क था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, तीन महीने के दौरान दोनों के बीच करीब 300 बार फोन पर बातचीत हुई थी।

हत्या से पहले बदला था मोबाइल सिम

जांच में पुलिस को पता चला कि कारोबारी की हत्या से एक दिन पहले विशाल ने नया सिम लिया था। यह नंबर शालू और सुब्रत के मोबाइल में सेव मिला। पुलिस इस नंबर और इससे हुई बातचीत की भी जांच कर रही है। हत्या के बाद विशाल ने मोबाइल से कई चैट डिलीट कर दी थीं, जिन्हें पुलिस तकनीकी माध्यमों से हासिल करने में जुटी है।

पार्टी में थी बहू, घर में हुई कारोबारी की हत्या

पुलिस जांच के मुताबिक, 5 सितंबर की रात जिस समय विनीत मिनोचा की हत्या हुई, उस दौरान उनकी बहू शालू अपने पति सुब्रत के साथ एक पार्टी में मौजूद थी। पुलिस का दावा है कि घर से निकलने से पहले हत्या की कथित योजना से जुड़े इंतजाम किए गए थे।

जांच के अनुसार, विशाल और उसके साथी राजकिशोर को पहले अपार्टमेंट में बुलाया गया था। इसके बाद दोनों के वहां छिपे होने की बात सामने आई। शालू पति के साथ पार्टी में चली गई और वहां से भी मोबाइल के जरिए विशाल के संपर्क में रही।

देर रात करीब 3 बजे शालू, सुब्रत और उनका बेटा घर लौटे। फ्लैट के अंदर कारोबारी का शव मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बाद में विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर शालू के कहने पर वारदात करने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

6 लाख रुपये का लालच देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, विशाल लंबे समय से बेरोजगार था और उस पर कर्ज भी था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर उसे हत्या के लिए तैयार किए जाने का आरोप है। जांच में सामने आया कि शालू ने कथित तौर पर विशाल को ससुर की हत्या के बदले 6 लाख रुपये देने और बाद में नौकरी पर रखने का भरोसा दिया था।

पुलिस के अनुसार, पहले हत्या को हादसे का रूप देने की बात कही गई थी। बाद में सोते समय हत्या करने की कथित योजना बनाई गई। विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को भी रकम का लालच देकर साथ लिया था।

डुप्लीकेट चाबी भी जांच के दायरे में

हत्या के बाद फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी अपार्टमेंट से कुछ दूरी पर फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब चाबी बरामद करने के लिए विशाल को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे हत्या की पूरी घटना, चाबी और वारदात से पहले तथा बाद में हुई बातचीत को लेकर पूछताछ कर सकती है।

कारोबारी के बेटे की भूमिका की भी जांच

पुलिस जांच में कारोबारी के बेटे सुब्रत और विशाल के बीच लगातार संपर्क सामने आने के बाद अब उसकी भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। खास बात यह है कि इसी अवधि में विनीत मिनोचा ने विशाल को नौकरी से निकाल दिया था। हत्या वाले दिन भी दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई थी।

हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही मामले में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

विनीत मिनोचा की हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिवार के अनुसार, उनका छोटा पोता अपने दादा से बेहद जुड़ा हुआ था। मां के जेल जाने और दादा की मौत के बाद बच्चा परेशान है और बार-बार दोनों के बारे में पूछ रहा है।

परिवार के मुताबिक, पिछले साल जन्मदिन पर विनीत ने अपने पोते को बाइक उपहार में दी थी। दादा-पोते के बीच गहरा लगाव था। इस घटना के बाद बच्चे पर भी गहरा भावनात्मक असर पड़ा है।

दवा कारोबार से जुड़े थे विनीत मिनोचा

विनीत मिनोचा दवा के थोक कारोबार से जुड़े थे और बिरहाना रोड पर अपनी फर्म संचालित करते थे। वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। परिवार के अनुसार, कारोबार का वार्षिक टर्नओवर करोड़ों रुपये में था।

पुलिस अब कॉल डिटेल, मोबाइल चैट, CCTV फुटेज, आरोपियों के बयानों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पूरे हत्याकांड की कड़ियां तलाश रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।

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