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पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश का असर, केदारनाथ पैदल मार्ग पर बदल फटा; यूपी-बिहार में बाढ़ से लाखों प्रभावित

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने से बारिश और बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड हुई, जिससे पैदल मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डर गिर गए और रास्ता बंद हो गया। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में नदियों के उफान और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।

केदारनाथ में बादल फटने के बाद रास्ता बंद

उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को बादल फटने के बाद पहाड़ी इलाकों में मलबा और बड़े पत्थर आने से पैदल मार्ग बाधित हो गया। प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यूपी में नदियां उफान पर, कई इलाकों में जलभराव

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मिर्जापुर में बारिश और बाढ़ के कारण पुल प्रभावित हुआ है, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ।

उन्नाव सहित गंगा किनारे बसे इलाकों में भी पानी बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी पुलिस चौकी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 48 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। लखनऊ समेत कई शहरों में सुबह से बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बारिश भी हुई।

बिहार में 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के करीब 2,360 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। लगभग 44 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। राज्य की आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां हजारों लोग शरण ले रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून

मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय हो गई हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा सहित कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई।

दमोह में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शहर की कई कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई संभागों में बारिश होने का अनुमान है।

राजस्थान और झारखंड में भी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी सिस्टम का असर कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। राजस्थान में शुक्रवार को नौ जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

झारखंड में भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज और वज्रपात की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ा

हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा है और तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान है। वहीं उत्तराखंड में बारिश का दौर फिर तेज हुआ है। लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।

देश के कई राज्यों में एक साथ सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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