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गाजीपुर में एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण पर किसानों का विरोध, समान जमीन के लिए एक समान मुआवजे की मांग

गाजीपुर। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए खेती की जमीन के अधिग्रहण को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सेवराई तहसील क्षेत्र के गहमर और आसपास के गांवों के प्रभावित किसानों ने मुआवजे की दरों में कथित अंतर को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की मांग की है।

किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। गहमर क्षेत्र की जमीन किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है, ऐसे में अधिग्रहण के बदले मिलने वाला मुआवजा वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप होना चाहिए।

एक जैसी जमीन के लिए अलग-अलग दरों पर सवाल

किसानों ने आरोप लगाया कि समान प्रकृति और उपयोग वाली जमीन के लिए अलग-अलग मुआवजा दर निर्धारित की जा रही है। उनके अनुसार उचितपुर और अकबरपुर क्षेत्र में करीब 17 लाख रुपये प्रति बीघा की दर बताई जा रही है, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में यह दर 12 से 13 लाख रुपये प्रति बीघा के आसपास है। गहमर खास में भी करीब 17 लाख रुपये प्रति बीघा की दर निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।

किसानों का दावा है कि स्थानीय स्तर पर कृषि भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य करीब 30 लाख रुपये प्रति बीघा तक है। ऐसे में निर्धारित मुआवजा बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है। किसानों ने प्रशासन से मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच कराकर पारदर्शी तरीके से जमीन का मूल्यांकन कराने की मांग की है।

किसानों ने रखीं चार प्रमुख मांगें

ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित भूमि का मौके पर जाकर पारदर्शी सर्वे कराया जाए और समान प्रकृति की जमीन के लिए समान मुआवजा दर निर्धारित की जाए।

इसके अलावा किसानों ने सरकार की चार गुना मुआवजा नीति के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से उनकी खेती और आय का बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा, इसलिए मुआवजा तय करते समय उनके हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

किसानों ने जिलाधिकारी से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल को समय देने की भी मांग की है, ताकि वह अपनी समस्याओं और जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य से संबंधित दस्तावेज प्रशासन के सामने रख सकें।

कम मुआवजा मिला तो बढ़ सकता है विरोध

किसानों ने कहा कि यदि बाजार मूल्य की अनदेखी कर कम दर पर मुआवजा निर्धारित किया गया तो उनके साथ आर्थिक अन्याय होगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित मूल्यांकन कराने और सभी प्रभावित किसानों के लिए पारदर्शी एवं समान मुआवजा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

इस संबंध में एसडीएम गजराज सिंह यादव ने बताया कि किसानों से बाजार दर से संबंधित सूची और जानकारी मांगी गई है। दस्तावेजों और संबंधित भूमि का निरीक्षण करने के बाद मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन देने वालों में जैनुल बशर खान, आजाद खान, प्रमोद सिंह, अनिल सिंह, इबरार खान, संदीप सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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